संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सीवन रोड स्थित ब्राह्मण धर्मशाला में जन कल्याण के लिए चल रहे शिव शक्ति महायज्ञ व दिव्य महाआरती में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया। इसमें आचार्य शुभम द्विवेदी ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया। कहा कि जीवन में दुखों से कभी हारना नहीं, सदा लड़ना सीखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुंती के जीवन में सदा दुख ही दुख रहा। भगवान के नाम व र्कीति के कारण महाभारत में पांडवों की जीत हुई। व्यक्ति को अपने जीवन में चाहे कैसी भी परिस्थिति हो अपने साहस के माध्यम से कोई ना काई मार्ग निकल आता है इसलिए लागों को अपने जीवन का संतुलित बनाकर चलना चाहिए। थोड़ी सी परिस्थिति खराब होने पर व्यक्ति आत्महताएं कर लेते हैं। जो की ठीक नही है। थोड़ी सी परिस्थिति खराब होने पर व्यक्ति को अपने परिवार में मां-बाप बुजुर्ग व अन्य सदस्यों के साथ राय लेकर अपने जीवन की समस्या का हल निकाल कर जीवन जीना चाहिए।
समझाया कि भगवान का भजन व कथा, सत्संग सदैव जीवन में अपने व अपने बच्चों के लिए सुनना, समक्षना व सिखना चाहिए। इससे बच्चों में संस्कार आएंगे ओर जब वे माता पिता का सम्मान जब करेंगे तो बच्चों में बौधिक व्यवस्था व शिक्षा बढ़ती नजर आंएगी। कथा में बउत्साहपूर्वक श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया व भजनों पर झूमें।
रात को जगतगुरू त्रिपुरा पीठाधिश्वर च्रकवती यज्ञ सम्राट सनातन धर्म प्रचारक श्री श्री 1008 हरिओम महाराज ने दिव्य महाआरती की। आरती से पूर्व अशोक गोयल व अन्य यजमानों ने नन्ही कन्याओं का पूजन किया। इस अवसर पर अशोक गोयल, चेतन शर्मा, प्रधान विक्की शर्मा, डॉ. प्रदीप शर्मा, आई डी भारद्वाज, सुभाष एसडीओ, संजय चौधरी, प्रवीण चौधरी, कपिल गोयल, संदीप चौधरी सहित मां त्रिपुर सुंदरी यज्ञ समिति के सदस्य मौजूद रहे।