कैथल। इस समय धान की आवक अपने चरम पर है। किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं, लेकिन जिले की अतिरिक्त अनाज मंडी से आई तस्वीरों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि जिन शेड्स को किसानों की फसल को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया था, उनमें अब तक पुराना गेहूं का स्टॉक रखा हुआ है, जबकि किसानों का धान खुले में पड़ा भीग रहा है। किसानों ने इस लापरवाही के लिए मंडी प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
धान की फसल लेकर मंडी पहुंचे किसान अंग्रेज सिंह ने बताया कि वह अपनी फसल लेकर मंडी आया था, लेकिन खराब मौसम के चलते जब उसने अपनी फसल को शेड के नीचे उतारने की कोशिश की, तो वहां अब तक भी गेहूं की बोरियां रखी हुई थीं। मजबूरन उसे अपनी फसल खुले में ही उतारनी पड़ी। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी स्थिति रही तो खराब मौसम में धान की पूरी फसल नष्ट होने का खतरा है।
किसान राकेश ने बताया कि मंडी में किसानों का धान खुले में पड़ा है और लगातार हो रही बरसात से भीग रहा है। उन्होंने कहा कि मंडी प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर जल्द शेड्स को किसानों के लिए खाली नहीं करवाया गया, तो किसान स्वयं इन्हें खाली करने को मजबूर होंगे।
वहीं अतिरिक्त अनाज मंडी के प्रधान रघुवीर मलिक ने बताया कि यहां मौजूद गेहूं का स्टॉक सरकारी एजेंसियों द्वारा अप्रैल माह में रखा गया था। मार्केट कमेटी की ओर से कई बार इसे हटाने के लिए कहा जा चुका है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने स्वीकार किया कि इस स्थिति के कारण किसानों और आढ़तियों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
मंडी में शेड्स के नीचे गेहूं का स्टॉ
मंडी में शेड्स के नीचे गेहूं का स्टॉ