कैथल। नवरात्र का पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। यह केवल धार्मिक आस्था और पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। आयुर्वेद विशेषज्ञ एवं भारतीय चिकित्सा परिषद हरियाणा के सदस्य डॉ. जितेंद्र गिल ने बताया कि नवरात्र के दौरान रखे जाने वाले व्रत शरीर और मन दोनों के लिए लाभकारी होते हैं।
डॉ. गिल के अनुसार उपवास करने से शरीर को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स होने का अवसर मिलता है। सामान्य दिनों में लिए जाने वाले भोजन से शरीर में जमा होने वाले विषैले तत्व उपवास के दौरान बाहर निकलते हैं। इससे शरीर अंदर से शुद्ध होता है और व्यक्ति अधिक ऊर्जा व ताजगी महसूस करता है।
उन्होंने बताया कि नवरात्र के दौरान सात्विक और हल्का भोजन करना चाहिए, जिससे पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता और पाचन क्रिया बेहतर होती है। उपवास के दौरान नियंत्रित आहार मेटाबॉलिज्म को संतुलित करने में भी सहायक होता है।
डॉ. गिल ने कहा कि व्रत के दौरान फल, साबूदाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़ा, दूध और दही जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। ये शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं और ऊर्जा बनाए रखते हैं । संवाद