संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। रामनगर क्षेत्र में प्रस्तावित रेलवे अंडरपास के निर्माण को लेकर अभी तक स्थान का चयन नहीं हो सका है। परियोजना को मंजूरी मिलने के दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन रेलवे और नगर परिषद किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सके हैं। अगर जल्द ही स्थान का निर्धारण नहीं होता है तो रेलवे फिर से सर्वे करेगा।
यह स्थिति इसलिए बनी है क्योंकि रामनगर और वाल्मीकि बस्ती कॉलोनी के लोगों की राय अलग-अलग है। रामनगर कॉलोनी के निवासी अनाज मंडी की ओर प्रवेश द्वार चाहते हैं, वहीं वाल्मीकि बस्ती के लोग इसे चंदाना गेट की तरफ सैनी स्कूल के रास्ते बनवाने की मांग कर रहे हैं। नगर परिषद अब पार्षदों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में स्थल चयन के लिए सर्वे करवाएगी।
रेलवे ने किए थे दो स्थानों के सर्वे ः कुछ महीने पहले रेलवे की टीम ने अंडरपास निर्माण के लिए दो स्थानों का सर्वे किया—एक रेलवे स्टेशन के पास और दूसरा चंदाना गेट से बैंक कॉलोनी जाने वाली सड़क पर। सर्वे के दौरान दोनों स्थानों को लेकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई। इसके बाद रेलवे ने नगर परिषद से एनओसी की मांग की थी।
नगर परिषद जल्द लेगी निर्णय ः नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने बताया कि अगले सप्ताह रेलवे और नगर परिषद अधिकारियों की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति सैनी, नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग और वार्ड पार्षद राजेश सिसोदिया को आमंत्रित किया जाएगा। दोनों स्थानों में से एक को अंतिम रूप दिया जाएगा और कार्य जल्द शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
शहर की 25 कॉलोनियों को होगा लाभ
रेलवे फाटक बंद होने से शहर की 25 से अधिक कॉलोनियों के लगभग 50 हजार लोग प्रभावित हो रहे हैं। इन लोगों को रोजाना 2–3 किलोमीटर अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ती है। जिन कॉलोनियों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है, उनमें शामिल हैं:नई अनाज मंडी, रामनगर, रजनी कॉलोनी, चंदाना गेट, शक्ति नगर, जींद रोड मॉडल टाउन, रेलवे गेट कॉलोनी, वाल्मीकि बस्ती, भगत सिंह चौक, प्रताप गेट, डकौत बस्ती, भट्ट बस्ती, जनता मार्केट, सब्जी मंडी आदि।
चार साल से उठ रही है मांग
करीब चार साल पहले यहां का रेलवे फाटक यार्ड के दायरे में आने के कारण बंद कर दिया गया था, जिसके बाद से वैकल्पिक रास्ते की मांग लगातार उठ रही है। पिछले तीन वर्षों से अंडरपास निर्माण की मांग जोर पकड़ चुकी थी। रेलवे ने सर्वे भी किया, लेकिन निर्माण की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर डाल दी। अब राज्य सरकार ने लगभग 4.96 करोड़ रुपये की राशि रेलवे को जारी कर दी है।