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नासिर-जुनैद हत्याकांड: आरोपी कालू के समर्थन में हुई पंचायत, CBI जांच की मांग, एक मार्च को महापंचायत का एलान

Sun, 26 Feb 2023 03:02 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल, करनाल, भिवानी (हरियाणा)

सार

नासिर-जुनैद हत्याकांड में बाबा लदाना निवासी आरोपी कालू के समर्थन में पंचायत हुई। वहीं करनाल में राजस्थान पुलिस ने आरोपियों के गांवों में दबिश दी, लेकिन सुराग नहीं लगा। नासिर-जुनैद हत्याकांड के 10 दिन बाद भी पूरे प्रकरण में आरोपियों की भूमिका से पर्दा नहीं उठा है। 
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गांव बाबा लदाना में पंचायत करते ग्रामीण। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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भिवानी में दोहरे हत्याकांड में कैथल के गांव बाबा लदाना निवासी आरोपी कालू का नाम आने पर शनिवार शाम को गांव में पंचायत हुई। इसमें गोरक्षा और बजरंग दल के सदस्यों ने भाग लिया। साथ ही पूरे घटनाक्रम की सीबीआई से जांच की मांग को लेकर आगामी एक मार्च को महापंचायत बुलाने का फैसला लिया गया। पुलिस को भी चेतावनी दी गई कि बिना पंचायत की अनुमति के गांव में किसी भी घर की तलाशी न ली जाए। महापंचायत की तैयारियों के लिए 15 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया।

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गांव बाबा लदाना के बाबा बालनाथ मंदिर में शनिवार शाम को आयोजित पंचायत में काफी संख्या में लोग पहुंचें। पंचायत की अध्यक्षता गांव के सरपंच गुरनाम सिंह ने की। पंचायत में गांव के व्यक्तियों ने कहा कि कालू का नाम दोहरे हत्याकांड के मामले में आया है।

इस संबंध में कभी राजस्थान पुलिस तो कभी स्थानीय पुलिस कालू के परिवार को बार-बार तंग कर रही है। इस पर गांव के लोगों ने विचार रखे। कुछ लोगों ने गांव में पुलिस के घुसने पर रोक लगाने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस सीधा घर में घुसकर बहू-बेटियों को प्रताड़ित नहीं कर सकती। लंबे विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया कि एक मार्च को गांव में ही महापंचायत आयोजित की जाएगी।
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गांव के सरंपच गुरनाम सिंह ने बताया कि दो दिन पहले ही गांव में राजस्थान पुलिस कालू के घर बिना कोई वारंट के पहुंची थी। इस दौरान उसके घर में केवल महिलाएं ही मौजूद थीं। इसकी जानकारी पंचायत को भी नहीं दी गई। इसलिए पंचायत ने फैसला लिया है कि यदि भविष्य में पुलिस आती है तो बिना पंचायत की अनुमति के गांव के किसी भी घर में तलाशी नहीं लेने दी जाएगी।

सरपंच ने कहा कि बिना किसी सबूत के वे पुलिस को कार्रवाई नहीं करने देंगे। मामले में सीबीआई जांच की मांग की जाएगी। यदि कालू दोषी होगा तो उसका समर्थन नहीं किया जाएगा। यदि वह निर्दोष होगा तो परिवार को प्रताड़ित नहीं होने दिया जाएगा। बजरंग दल के कार्यकर्ता अभिषेक गोयल ने कहा कि राजस्थान पुलिस का अमानवीय चेहरा लगातार सामने आ रहा है।

15 सदस्यीय कमेटी में इन्हें किया है शामिल
पंचायत की ओर से बनाई गई 15 सदस्यीय कमेटी में शमशेर, ज्ञानी पंडित, भवन लाल, हरिचंद कश्यप, बजिंद्र सैनी, दलबीर गणघस, सुरेंद्र पहलवान, श्याम लाल हलवाई, राजा कुंडू, सुभाष वाल्मीकि, धर्मपाल नंबरदार, रामेश, जमेरा राम व विक्की प्रजापत को शामिल किया है। इस मौके पर भजनलाल, फूल सिंह, बुधराम, सुरेश, सत्यवान, दलबीर सिंह, कर्मबीर, दिलबाग, बलकार दीपक, अभय राम, पूर्ण, सुभाष, मेवा राम, गोरक्षा दल के जिलाध्यक्ष बलकार सहित अन्य मौजूद थे।

राजस्थान पुलिस की आरोपियों के गांवों में दबिश, नहीं लगा सुराग
करनाल।
जुनैद-नासिर हत्याकांड के आरोपी गोरक्षकों को पकड़ने के लिए राजस्थान पुलिस ने करनाल में पांच दिन से डेरा डाला है। शनिवार को भी स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर राजस्थान पुलिस ने घरौंडा और मूनक में आरोपियों के गांवों में दबिश दी लेकिन पुलिस को अब तक आरोपियों का सुराग नहीं मिला है।

राजस्थान पुलिस स्थानीय पुलिस के साथ आरोपी गोरक्षकों के परिवारजन, दोस्तों और रिश्तेदारों से भी जानकारी हासिल कर रही है। इस कारण परिवार के लोग भी पुलिस की रोजाना पूछताछ से परेशान और डरे हुए हैं। इस हत्याकांड में मूनक निवासी शशिकांत और घरौंडा निवासी किशोर के नाम सामने आए हैं। उधर, मूनक की गोशाला में पशुओं काें चारा नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सरपंच को गोशाला में पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। गांव में मुनादी भी कराई जा रही ताकि गोशाला में चारे की कमी न हो सके।

आठ नाम सामने आने के बाद भी नहीं पता किसकी क्या थी हत्याकांड में भूमिका
नासिर-जुनैद हत्याकांड के 10 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस पूरे प्रकरण में आरोपियों की भूमिका से पर्दा नहीं उठा पाई है। हत्याकांड में आठ गो सेवकों के नाम उजागर हुए हैं, लेकिन अभी तक पुलिस कई आरोपियों को नहीं पकड़ पाई है। हत्याकांड में किस आरोपी की क्या भूमिका थी, इसका भी खुलासा नहीं हुआ है। हालांकि इस हत्याकांड में भिवानी के दो गो सेवकों के नाम भी उजागर हुए हैं, लेकिन अभी तक ये दोनों भी भरतपुर पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

गांव बारवास की बणी में बोलेरो गाड़ी के अंदर 15 फरवरी की रात को राजस्थान के भरतपुर जिले के घाटमिका गांव के नासिर और जुनैद नामक दो युवकों को जिंदा जलाए जाने का मामला सामने आया था। 16 फरवरी की सुबह आसपास के ग्रामीणों ने इस हत्याकांड की सूचना लोहारू पुलिस को दी थी। जिसके बाद मामले की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह, लोहारू उप पुलिस अधीक्षक जगत सिंह मोर के अलावा लोहारू एसएचओ के अलावा सीआईए और एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंची थी।

प्रारंभिक दृष्टि में ही पुलिस ने इसे हत्या का मामला मानते हुए जांच शुरू की थी। दोनों मरने वालों की पहचान भी राजस्थान के घाटमिका गांव निवासी नासिर और जुनैद चचेरे भाइयों के रूप में हो गई थी। जिनका अपहरण हुआ था और उसके बाद उनकी हत्या हुई थी। बहरहाल भरतपुर जिले के गोपालगढ़ पुलिस थाना में मृतक के चचेरे भाई इस्माइल की शिकायत पर अपहरण के बाद हत्या और शव को खुर्दबुर्द किए जाने की एफआईआर दर्ज हुई। इस हत्याकांड में भरतपुर पुलिस ने आठ गो सेवकों के नाम उजागर किए।

इसमें भिवानी के मोनू राणा और अनिल गोगी का नाम भी आया। ये दोनों भिवानी के हैं। ये दोनों ही पुलिस की गिरफ्त से अभी तक बाहर हैं। हालांकि लोकल पुलिस के साथ भरतपुर पुलिस भी हत्या आरोपियों की तलाश में हर जगह दबिश दे रही है। वहीं बारवास की बणी में इस हत्याकांड से जुड़ी कोई भी गतिविधि पुलिस की नहीं है।

पूरे मामले की जांच भरतपुर जिले के गोपालगढ़ पुलिस थाना की टीम कर रही है। बारवास की बणी में पुलिस की कोई मूवमेंट अभी नहीं है। अगर वहां की पुलिस वारदात स्थल या फिर इस प्रकरण से जुड़े किसी भी मामले में हमारी मदद मांगेगी तो हम तैयार हैं। -विद्यानंद एसएचओ लोहारू पुलिस थाना।

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