पूंडरी। पूंडरी नगरपालिका के अध्यक्ष के कार्यालय की कुर्सी पिछले लगभग एक साल से अपने उत्तराधिकारी की बाट देख रही है। अध्यक्ष की कुर्सी को हर बार तो पार्षद वादियों में घुमने के बाद ही उसका उत्तराधिकारी सौंपते रहे हैं।
इस बार पूंडरी शहर की जनता सीधा चेयरमैन चुनेगी। ऐसा नहीं है कि पार्षदों को वादियों में घूमने का अवसर नहीं मिलेगा। यह मौका उपाध्यक्ष की कुर्सी दिलवाएगी। सबसे मुख्य बात तो स्थानीय लोगों को बिना पार्षदों के कर्मचारियों की की मनमानी से परेशानी होना बताया जा रहा है। कस्बावासी गुलशन, सतीश, विजय, बलबीर, अनिल, शमशेर, कृष्ण ने बताया कि नगर पालिका के कर्मचारी उन्हें काम करने की बजाय टरकाते रहते हैं। बेवजह परेशान किया जा रहा है। लोगों को कार्यों के लिए नित्य नगरपालिका के चक्कर कटवाए जा रहे हैं।
नपा सचिव अशोक कुमार ने बताया कि उनकी पूरी तैयारी है। जब सरकार कहेगी तभी चुनाव हो जाएंगे। वार्डबंदी का कार्य व सभी कार्य पूर्ण हैं। संवाद
चर्चाओं में रही नगर पालिका
पूंडरी नगरपालिका पूरे पांच वर्ष किसी न किसी बात के लिए चर्चा व सुर्खियों में रही। कभी अध्यक्ष संतोष खुराना को तत्कालीन विधायक रणधीर गोलन से मतभेद के चलते अपना अध्यक्ष पद गंवाने और फिर नई अध्यक्ष सुनीता सैनी को बनवाना तो कभी जजपा नेता की ओर से नगरपालिका की तालाबंदी व पूंडरीक तीर्थ के विस्तार व मिट्टी को लेकर विधायक पर लगे आरोपों की वजह से चर्चाओं में रहा। इसके अलावा 24 जनवरी को नगर पालिका के पार्षदों का कार्यकाल समाप्त हुए लगभग एक वर्ष बीतने के बाद भी नगरपालिका पूंडरी के चुनाव न होना भी चर्चा का विषय बना है।बता दें कि 16 दिसंबर 2018 को पूंडरी नगर पालिका के चुनाव हुए और 19 दिसंबर को चुनाव के नतीजे आए। जिसमें 13 पार्षद चुने गए। 24 जनवरी 2019 को सभी पार्षदों ने शपथ ली। 24 जनवरी 2024 को कार्यकाल पूरा हुआ। पूर्व अध्यक्ष प्रतिनिधि व पूर्व पार्षद ने बताया कि नगरपालिका के चुनाव न होने से व पार्षदों के नपा कार्यालय में न बैठने से नगर पालिका से रौनक गायब है।
इस बार 13 नहीं
16 होंगे पार्षद
अब से पहले पूंडरी में 13 वार्ड थे और 13 पार्षद बनते आ रहे हैं, लेकिन इस बार 16 वार्डों से 16 पार्षद चुनकर आएंगे। बताते चलें कि पूंडरी की जनसंख्या लगभग 21 हज़ार हैं और 15 हज़ार से अधिक मतदाता हैं।