नगर पालिका चीका की प्रधानगी को लेकर लंबे समय से कसमसा रहे विधायक गुट ने बुधवार को पालिका पर काबिज पिंटू गुट के एक पार्षद को तोड़कर अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। विधायक गुट में अब बढ़कर 9 पार्षद हो गए हैं जबकि एक के जाने के बाद पिंटू के पास मात्र 8 पार्षदों का समर्थन रह गया है। विधायक ने दावा किया कि दो तीन और पार्षद हैं जो विकास के साथ जाना चाहते हैं। इसलिए वे भी कुछ दिनों में समर्थन करने के लिए प्रेस के सामने पेश किए जाएंगे। उधर, नगर पालिका चीका पर काबिज भाजपा नेता राजेश शर्मा पिंटू ने अपने पार्षद तोड़े जाने की बात को अर्धसत्य बताया है। उन्होंने कहा कि वार्ड 11 में विधायक का कार्यक्रम था, इसलिए वार्ड प्रतिनिधि होने के नाते पार्षद कमल चौधरी विधायक के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि उनका एक भी एमसी ना तो टूटा है और ना ही टूटेगा।
नगर पालिका चीका की राजनीति में उस समय उफान आ गया जब चर्चा निकली कि आज गुहला गांव स्थित वार्ड नंबर 11 के पार्षद कमल चौधरी विधायक कुलवंत बाजीगर का समर्थन कर सकते हैं। गुहला में विधायक को पानी की निकासी के लिए बनाए जाने वाले नाले का शिलान्यास करने जाना था। विधायक जब शिलान्यास स्थल पर पहुंचे तो उनके साथ उनके समर्थक पार्षदों के साथ पिंटू गुट के कमल चौधरी भी थे। अपने संबोधन में विधायक कुलवंत बाजीगर ने प्रदेश सरकार द्वारा करवाए जा रहे विकास के कसीदे पढ़े तो पार्षद कमल चौधरी ने विधायक बाजीगर को विकास पुरुष बताते हुए उनके कार्यकाल में करवाए गए रिकार्ड विकास कार्यों को गुणगान किया। इस अवसर पर विधायक व गुहला भाजपा के अध्यक्ष मांगे राम जिंदल ने पार्षद कमल चौधरी के भाजपा में शामिल होने का एलान किया और उनके गले में भगवा परना पहनाया। मंच से एलान किया गया कि कमल चौधरी इनेलो छोड़कर भाजपा में आए हैं। ये बात अलग है कि कमल चौधरी पहले से ही भाजपा के मिस काल वाले मेंबर हैं और नगर पालिका चुनाव के दौरान वार्ड 11 में भाजपा कमल चौधरी का ही समर्थन कर रही थी। इस सवाल पर भाजपा के मंडल अध्यक्ष मांगे राम जिंदल ने गोलमोल सा जवाब दिया कि कमल चौधरी पहले पार्टी के सिंपल मेंबर थे और अब पार्षद बनने के बाद मेंबर बने हैं।
चाय पार्टी में स्वीकारा
बाद में कमल चौधरी के घर पर आयोजित विधायक की चाय पार्टी के दौरान आयोजित पत्रकार वार्ता में कमल चौधरी ने स्वीकार किया कि उन्होंने पिंटू गुट को छोड़कर विधायक कुलवंत बाजीगर का दामन थाम लिया है। चौधरी ने कहा कि वे विकास के साथ हैं और विधायक इतना विकास कर रहे हैं इसलिए वे विधायक के समर्थन में आ गए हैं।
काबिले जिक्र है कि नगर पालिका की प्रधानगी को लेकर विधायक कुलवंत बाजीगर और भाजपा कौशल क्रांति के प्रदेश सह संयोजक राजेश शर्मा पिंटू बिल्कुल आमने सामने आ गए थे। विधायक के विरोध के बावजूद पिंटू अपनी पत्नी अमनदीप शर्मा को नगर पालिका चीका की चेयरपर्सन बनाने में कामयाब हो गए थे। एक ही पार्टी होने के बावजूद तभी से पिंटू और विधायक बाजीगर के बीच 36 का आंकड़ा चल रहा है। पिंटू लगातार आरोप लगाते आ रहे हैं कि विधायक बाजीगर नगर पालिका में उन्हें कोई काम करने नहीं दे रहे।
शुरू हुआ बैठकों का दौर
पिंटू समर्थक पार्षद कमल चौधरी के पाला बदलने का वीडियो ज्यों ही मीडिया में वायरल हुआ पिंटू गुट के पार्षदों में मीटिंगों का दौर शुरू हो गया। शाम होते होते पिंटू समर्थक पार्षद कमल चौधरी के तहसील के सामने वाले दफ्तर में पहुंच गए और वहां मीटिंगों का दौर चलता रहा। देर शाम पिंटू ने दावा किया कि उनके सभी साथी चट्टान की तरह उनके साथ डटे हैं।
बाद में देते रहे सफाई
हालांकि दोपहर में हुई प्रेस कांफ्रेंस में कमल चौधरी ने स्वीकारा कि उन्होंने पिंटूू गुट को छोड़ दिया है तथा अब वे विधायक के साथ हैं लेेकिन शाम होते होते वे पत्रकारों के समक्ष सफाई देते नजर आए कि वे तो अपने वार्ड में सरकारी कार्यक्रम के चलते वार्ड प्रतिनिधि के तौर पर गए थे। उन्होंने कहा कि वे पिंटू के साथ हैं और उन्होंने कोई गुट नहीं बदला है।
तख्ता पलट के लिए चाहिए 12
नगर पालिका चीका में कुल 17 पार्षद हैं और अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए दो तिहाई यानी कम से कम 12 पार्षदों का समर्थन चाहिए। विधायक गुट ने अपने साथ 9 पार्षद होने का दावा किया। दावा ये भी था कि आने वाले दिनों में 2-3 पार्षद और उनका समर्थन करने वाले हैं।