संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। ओएसडीएवी कॉलोनी निवासी दर्शन सिंह ने कम उम्र में ही खेल जगत में अपनी अलग पहचान बनाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। महज 15 वर्ष की आयु में फुटबॉल के क्षेत्र में हासिल की गई उनकी उपलब्धियां न केवल कैथल, बल्कि पूरे हरियाणा के लिए गर्व का विषय बन चुकी हैं।
दर्शन वर्तमान में अखिल भारतीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 11वीं कक्षा के छात्र हैं और पढ़ाई के साथ-साथ खेल को भी पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
दर्शन सिंह ने हाल ही में 20 से 28 जनवरी तक चंडीगढ़ में आयोजित 20वें प्रशासक चैलेंज कप, अखिल भारतीय अंडर-17 फुटबॉल टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन लाख रुपये का इनाम जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनके इस प्रदर्शन से जिले के खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है।
आर्मी से सेवानिवृत्त हैं पिता ः दर्शन सिंह के पिता महिपाल सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। सेना के अनुशासन, परिश्रम और देशभक्ति की भावना का असर दर्शन के व्यक्तित्व में साफ नजर आता है। फौजी परिवार से ताल्लुक रखने के कारण उनमें बचपन से ही अनुशासन, आत्मविश्वास और मेहनत की आदत रही है। उनके परिवार में दो बहनें हैं, जो बाहर रहकर पढ़ाई कर रही हैं। पूरा परिवार दर्शन के खेल करियर में हर कदम पर उनका हौसला बढ़ा रहा है।
कोच पवन सैनी ने बताया कि दर्शन तीन वर्षों से फुटबॉल का अभ्यास कर रहे हैं। खेल के प्रति निरंतर मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। वर्तमान में वह पुलिस लाइन खेल नर्सरी में कोच पवन सैनी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। दर्शन प्रतिदिन सुबह-शाम को दो-दो घंटे अभ्यास करते हैं। उनका मानना है कि अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता की असली कुंजी हैं।
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सुब्रोतो कप में वर्ष-2022-23, 2023-24 और 2024-25 में शानदार प्रदर्शन।
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एसजीएफआई (स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) प्रतियोगिताओं में प्रतिभा का प्रदर्शन।
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सीबीएसई क्लस्टर 2024-25 के विजेता रहे और सीबीएसई नेशनल स्तर तक पहुंचे
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हरियाणा ओलंपिक्स और हरियाणा यूथ लीग में भागीदारी, जहां टीम रही रनर-अप।
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विभिन्न एज ग्रुप टूर्नामेंट्स में जीत दर्जकर आत्मविश्वास और अभ्यास का परिचय दिया।
प्रमुख उपलब्धियां
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने का सपना
दर्शन सिंह का सपना है कि वह भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करें और देश के लिए पदक जीतें। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और कोच पवन सैनी को देते हैं। दर्शन का कहना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता। आज दर्शन सिंह कैथल जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं और खेल प्रेमियों को उनसे आने वाले समय में और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद है।