संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सोलू माजरा से चुहड़माजरा मार्ग पर निर्माणाधीन राइस मिल के पास चौकीदार राम सिंह (45) का शव मिलने के मामले में पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट ने ढांड से हत्या के तीन आरोपियों—रामकुमार, धीरज उर्फ धीरा और भिकम उर्फ पप्पू (सभी निवासी सिमरधा, जिला ललितपुर, यूपी) को गिरफ्तार किया है।
डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि आरोपियों का कहना है कि 6 अगस्त की रात को बिजली कटने पर उन्हें शक हुआ कि चौकीदार राम सिंह (45) ने जानबूझकर बिजली बंद की है। तैश में आकर तीनों ने लोहे की रॉड और सरिये से हमला कर किया था। हमले में उसकी मौत हो गई। इसके बाद उन्होंने चौकीदार के शव को पास के खेत में फेंक दिया था।
राम सिंह खेड़ी रायवाली गांव के रहने वाले थे और वैष्णो राइस एंड जनरल मिल में चौकीदार का काम करते थे। घटना की रात वह ड्यूटी पर गए थे लेकिन सुबह घर नहीं लौटे। खोजबीन के दौरान मजदूरों ने खेत में उसका शव देखा, उनके सिर व चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे।
डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि इस मामले में राम सिंह के बेटे प्रदीप की तहरीर के बाद हत्या का केस दर्ज किया गया था। प्रदीप ने शिकायत में बताया था कि रोज की तरह उनके पिता राम सिंह मंगलवार शाम के समय राइस मिल में अपनी ड्यूटी के लिए बाइक से गए थे, लेकिन दूसरे दिन सुबह घर नहीं लौटे। मोबाइल पर संपर्क किया तो वह स्विच ऑफ मिला। राइस मिल में जाकर देखा तो वहां पर भी नहीं मिले, जबकि चारपाई के पास उनका लंच बॉक्स, चप्पल तथा बैटरी मिली।
उनकी बाइक दूसरे राइस मिल में खड़ी थी। करीब 11 बजे राइस मिल में काम करने वाले मजदूर जब शौच करने के लिए दीवार के पास गया तो उसने धान के खेत में राम सिंह का शव मिला था। उन्होंने बताया कि उसके सिर व मुंह पर चोट के निशान मिले और उसके कपड़े भी फटे हुए पाए। ढांड थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
एसपी आस्था मोदी के निर्देश पर गठित एसआई रमेश चंद की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर तीनों आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वारदात के समय सभी एक ही राइस मिल में काम और रह रहे थे, और बिजली कटने की घटनाओं पर अक्सर चौकीदार को शक की नजर से देखते थे।
वारदात वाले दिन भी लाइट कटने के बाद तीनों रामसिंह को सबक सिखाने के लिए उसके पास गए। रामसिंह से लाइट कटने को लेकर कहासुनी हो गई तो नाराज होकर उन्होंने सरिया व रॉड से उनके ऊपर हमला कर दिया। हमले में लगी चोटें से राम सिंह की मौत हो गई थी। इसके बाद
अपने को बचाने के लिए उन्होने शव को पास के खेत में फेंक दिया तथा भाग निकले थे।