सीवन। सीवन नगरपालिका भंग करवाने की मांग के समर्थन में कस्बा के लोग रविवार को फिर से लामबंद हो गए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए कैथल-पटियाला मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम से सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गई। जाम की सूचना पर पहुंचे थाना प्रभारी नरेश कुमार ने लोगों को समझा कर करीब आधे घंटे के बाद जाम खुलवाया। इससे पहले सुबह के समय रामा आश्रम में कस्बा के लोगों ने बैठक की।
अमरेंद्र खारा, बलदेव सिंह बल्ली, प्रशांत आनंद, बाल कृष्ण मोरे, सुरेश वधवा, यशपाल राणा, सुरेंद्र नागपाल, साधा राम, पाली सैनी, सोनू सैनी, कुमारी संगीता ने कहा कि सीवन में नगरपालिका बनाए जाने से सीवन के लोगों को कोई लाभ नहीं हुआ है। इससे उल्टा लोगों को नुकसान ही हुआ है। लोगों को बेरोजगार कर दिया गया है, युवाओं के लिए ग्रामीण क्षेत्र का आरक्षण समाप्त हो गया, लोगों पर टैक्स का बोझ डाल दिया गया है और इसके अतिरिक्त बहुत से ऐसे नुकसान हैं जो लोगों को धीरे धीरे समझ में आ रहे हैं। उन्होंने बैठक में बताया कि मंगलवार को सांसद नवीन जिंदल कैथल में आ रहे हैं। उनसे मुलाकात कर इस बारे में उन्हें ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय निकाय मंत्री हरियाणा सरकार से भी मिलने के लिए समय मांगा गया है। जैसे ही वह समय देते हैं उनसे मुलाकात की जाएगी और उन्हें अपनी समस्या बताई जाएगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी मिलने का समय लिया जाएगा और उनसे मुलाकात की जाएगी। इस बारे में आगामी बैठक शुक्रवार को नगर के रामा आश्रम में ही होगी। उन्होंने बताया कि बैठक के बाद कैथल पटियाला मार्ग पर सांकेतिक धरना दिया था, ताकि सरकार को चेताया जा सके। अभी तो केवल करीब आधे घंटे के लिए सडक़ को जाम किया गया है। यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो इस धरने को आगे जारी किया
वक्ताओं ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जिला उपायुक्त को सीवन नगरपालिका समाप्त किए जाने बारे दिए गए आवेदन को आगामी कार्रवाई के लिए भेजा था। उपायुक्त कैथल ने इसे केवल एक पत्र मान लिया और उसे कैथल में लगने वाले समाधान शिविर में आई शिकायतों में शामिल कर लिया। उपायुक्त कैथल से मिले एक सप्ताह से अधिक समय हो गया है परंतु उस पर अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मुख्यमंत्री कार्यालय से आए पत्र पर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि उपायुक्त कैथल ने उन्हें आश्वासन दिया था कि जल्द ही एक टीम का गठन करके सीवन में भेजा जाएगा और सीवन के निवासियों के जो विचार नगरपालिका के बारे में है उन्हें जाना जाएगा। उसके पश्चात ही आगामी कार्रवाई की जा सकेगी। इस बारे में जनमत भी करवाया जा सकता है। इसके लिए सीवन की जनता तैयार है। सीवन निवासियों को नगरपालिका की आवश्यकता नहीं है यह जनमत में सामने आ जाएगा।