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Kaithal News: पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप फार्मूले पर बनेगी बहुमंजिला पार्किंग

Mon, 12 Feb 2024 03:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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कमल बहल
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कैथल। शहर में भाई उदय सिंह किला परिसर के पास बनने वाली बहुमंजिला पार्किंग के निर्माण के तहत अब पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानि पीपीपी का फार्मूला अपनाया जाएगा। प्रदेश सरकार के निर्देश पर शहरी स्थानीय विभाग के मुख्यालय ने नगर परिषद को ये फार्मूला अपनाने के लिए आदेश जारी किए हैं। इस पीपीपी के फार्मूले के आधार पर किसी कंपनी का सहयोग लिया जाएगा। कंपनी की ओर से निर्माण करने के बाद वाहनों की पार्किंग के लिए उसी कंपनी को ही निविदा सूचना जारी कर दी जाएगी। शहर में बनने वाली बहुमंजिला पार्किंग के निर्माण के लिए करीब 22 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। पहले इस परियोजना के तहत नगर परिषद की तरफ से तैयार करवाए गए नक्शे को भी मुख्यालय ने रद कर दिया था। अब इसके निर्माण के लिए नगर परिषद को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का फार्मूला अपनाने के आदेश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार भाई उदय सिंह किला परिसर के पास बनने वाली बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण पिछले करीब 10 साल से अधर में लटका हुआ है। इसके निर्माण के तहत शहर थाना के पास जमीन में खुदाई का कार्य तो शुरू कर दिया गया, लेकिन खुदाई से आगे इसके निर्माण को लेकर कोई बात नहीं बन पाई है। इसी कारण ही इसका निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है और यह पूरा नहीं हो पा रहा है। अब सरकार ने इस परियोजना को पूरा करने के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानि पीपीपी का फार्मूला अपनाने का निर्णय लिया है।
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यह है पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप योजना
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से कई परियोजनाओं में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप योजना लागू करने का सरकार ने निर्णय लिया है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप योजना में संबंधित विभाग किसी एक कंपनी या व्यक्ति को उसके निर्माण के लिए ठेका न देकर स्वामित्व देता है। इसमें संबंधित कंपनी या व्यक्ति निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसे अपने अधीन ही ले लेता है। फिर इसके प्रयोग के लिए सरकार उसे ठेके पर दे देती है।
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वर्जन-
कुछ महीने पहले ही बहुमंजिला पार्किंग के निर्माण के तहत नक्शा बनाकर मुख्यालय में भेजा गया था, लेकिन इस पर मुख्यालय ने आपत्ति जता दी थी। इस पर दोबारा एस्टीमेट भेजने के निर्देश दिए थे। दोबारा से एस्टीमेट भी भेजा गया, लेकिन अब सरकार ने इस परियोजना को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप फार्मूले के तहत पूरा करने का फैसला लिया है। यदि कोई कंपनी या व्यक्ति इसके लिए विभाग में आवेदन करता है तो नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
रवि ओबरॉय, एक्सईएन, नगर परिषद, कैथल।
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