कैथल। शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में मां का नाम गलत दर्ज होने के मामले में कैथल की अदालत ने छात्रा के पक्ष में फैसला सुनाया है। सिविल जज सीनियर डिवीजन डॉ. अमन इंदर सिंह की अदालत ने पूजा देवी की ओर से दायर वाद को एकतरफा मंजूर करते हुए उसके शैक्षणिक रिकॉर्ड में मां का सही नाम दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन हरियाणा भिवानी समेत संबंधित संस्थानों को आवश्यक सुधार कर नए प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं गांव हजवाना निवासी पूजा देवी ने अदालत में दायर वाद में बताया था कि उसके स्कूल में दाखिले के समय पिता का नाम महेंद्र सिंह और मां का नाम बीरमति देवी दर्ज कराया गया था। इसके बावजूद माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक परीक्षा के प्रमाणपत्रों में उसकी मां का नाम कांता देवी दर्ज हो गया। बाद में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से प्राप्त बीए की परीक्षा से संबंधित प्रमाणपत्रों में भी यही नाम दर्ज रहा पूजा ने अदालत को बताया कि उसकी मां के आधार कार्ड पैन कार्ड वोटर कार्ड और परिवार पहचान पत्र में नाम बीरमति देवी दर्ज है। इसके अलावा उसके भाइयों के माध्यमिक परीक्षा प्रमाणपत्रों में भी मां का यही नाम दर्ज है। गलत नाम के कारण उसे पासपोर्ट और सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अदालत में पूजा की मां ने बतौर गवाह बयान दिए। पंचायत सदस्य मोनू और स्वयं पूजा देवी ने भी अदालत में अपने पक्ष में साक्ष्य पेश किए। संबंधित प्रतिवादियों के अदालत में पेश नहीं होने के कारण उन्हें एकतरफा कर दिया गया था। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूजा का दावा सही पाया। अदालत ने आदेश दिया कि सही नाम दर्ज किया जाए और स्कूल रिकॉर्ड के साथ माध्यमिक वरिष्ठ माध्यमिक तथा बीए के नए प्रमाणपत्र जारी किए जाएं। नए प्रमाणपत्र जारी करने का खर्च पूजा देवी को वहन करना होगा।