संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। इनर व्हील क्लब ने अपने सामाजिक कार्यों की रफ्तार बढ़ाते हुए जिला नागरिक अस्पताल में कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम की शुरुआत स्तनपान जागरूकता विषय पर भाषण से हुई, जिसमें डॉक्टर राजरानी ने मां के दूध को अमृत समान बताया।
उन्होंने कहा कि मां का दूध नवजात शिशुओं के लिए बेहद आवश्यक है, क्योंकि यह उन्हें रोगों से लड़ने की शक्ति देता है। उन्होंने माताओं से आग्रह किया कि बच्चों को जन्म से दो वर्ष तक स्तनपान कराएं और स्वयं भी पौष्टिक तत्वों का सेवन करें।
इस मौके पर नवजातों के लिए 100 पैकेट जिनमें दलिया व छोटे तौलिये शामिल थे, इन्हें वितरित किए गए। इसके बाद आंचल चौधरी ने पॉलिथीन के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला और प्लास्टिक से बनी चीजों को पुन: उपयोग व पुनः चक्रित करने का संदेश दिया। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि पॉलिथीन का प्रयोग न करें और कपड़े से बने बैग का उपयोग करें।
इस क्रम में क्लब ने अस्पताल के स्टाफ को कपड़े से बने 30 बैग वितरित किए गए। सीएमओ डॉ. रेनू चावला ने बच्चों के टीकाकरण की महत्ता पर जानकारी दी और क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए सभी का धन्यवाद किया। इस अवसर पर क्लब की सदस्य वीणा चौधरी, खुशी चौधरी, आशा, शालिनी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहीं।
उधर, पटेल नगर सर्कल में शनिवार को स्तनपान सप्ताह मनाया गया। सुपरवाइजर मंजू बंसल ने बताया कि जन्म के एक घंटे के अंदर अंदर बच्चों को मां का दूध पिलाना सुनिश्चित करें। मां का दूध बच्चों के लिए सर्वोत्तम आहार है।
जन्म के एक घंटे के अंदर बच्चों को मां का दूध जरूर पिलाएं। मां का दूध न केवल बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक है, बल्कि यह मां और बच्चे के बीच में भावनात्मक संबंध को भी मजबूत करता है। छह माह तक सिर्फ और सिर्फ बच्चों को मां का दूध पिलाना सुनिश्चित करें।
छह माह के उपरांत बच्चों को मां के दूध के साथ ऊपरी आहार देना भी शुरू करें। इस मौके पर वर्कर मंजू बाला, निर्मला, कमल कांता, ऊषा रानी, सुदेश रानी भी उपस्थित रहीं।
स्तनपान की दी जानकारी
राजौंद। कस्बे में एक से सात अगस्त तक मनाए जा रहे विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं को स्तनपान के महत्व की जानकारी दी।
सर्कल सुपरवाइजर व हैल्थ सरला देवी ने बताया कि मां का दूध सेहत के लिए अत्यधिक आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि पहले छह महीने तक केवल मां का दूध ही बच्चे को पिलाएं। मां के दूध में सभी पोषक तत्व होते है। जन्म के पहले घंटे में स्तनपान करवाना बहुत आवश्यक होता हैं, जिससे बच्चे को संपूर्ण पोषण व रोग प्रतिरोधक ताकत मिलती हैं। आंगनबाड़ी वर्कर नीतू, रीना, शबनम, समिष्टा, लक्ष्मी, नीतू सहित आदि मौजूद रहे। संवाद