अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों के मामले में अधिकारियों ने जैसे चुप्पी साध ली है। नगर परिषद की हाउस की बैठक में पार्षदों के चीखने-चिल्लाने का कोई असर अधिकारियों व नगर परिषद प्रशासन पर नजर नहीं आ रहा। लाइट के मुद्दे पर 17 मार्च को हुई बैठक हंगामे के बाद स्थगित हुई थी। इसके बाद भी अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है।
पार्षदों ने 17 मार्च को हुई नगर परिषद की हाउस की बैठक में लाइटों के मुद्दे को जोर शोर से उठाया था। लाइटों के संबंध में रिपयेर के बाद बचने वाले स्क्रैप से लेकर अन्य सवालों का अधिकारी कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए थे। बाद में लाइट इंस्पेक्टर के साथ हुई बहस के बाद बैठक को स्थगित कर दिया गया था। पार्षद राकेश सरदाना ने कहा कि जिस मुद्दे पर शहर की सरकार की हाउस की बैठक स्थगित हुई थी। पार्षदों ने बैठक में चिल्ला-चिल्ला कर लाइटों का मुद्दा उठाया था, उस हाउस की ही यह बेकद्री है कि अधिकारी अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। शहर में अनेकों जगह लाइटें खराब पड़ी हैं। नगर परिषद के अधिकारी शहर में लाइटें ठीक करने को लेकर गंभीर नहीं है। शहर के लोग लगातार अंधेरे को लेकर शिकायत कर रहे हैं और पार्षद मजबूर हैं।
पार्षद गोपाल सैनी का कहना है कि चंदाना गेट से लेकर भगत सिंह चौक तक की हाईमास्क लाइटें खराब पड़ी हैं। इसके अलावा आंबेडकर चौक से लेकर भगत सिंह चौक से आगे तक की भी लाइटें बंद पड़ी हैं। इन्हें बंद हुए ढाई से तीन साल हो गए हैं। इनका कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हो रहा है। यह शहर का मुख्य मार्ग है। इस रोड से किसान दिन रात चलते हैं। यह दर्जनों गांवों से आने-जाने वाले लोगों के लिए मार्ग है। लाइट न होने के कारण यहां बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है।
लाइट इंस्पेक्टर रहे अरविंद कुमार ने कहा कि उन्हें कहने को हटा दिया गया है। वे ईओ से मिलने के लिए गए थे। उनसे पूछा था कि उन्हें हटा दिया गया है या नहीं? लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। न ही उनके पास कोई लिखित में सूचना है कि उन्हें हटा दिया गया है। लाइट की जिम्मेवारी देख रहे जेई सोमबीर सिंह का कहना है कि मुख्य मार्गों पर जो लाइटें रिपेयर करने लायक हैं, उनकी रिपेयर शुरू कर दी गई है। नई लाइटें लगाए जाने के लिए अभी प्रावधान नहीं हैं।
3 से 4 हजार प्वाइंटों पर खराब पड़ी हैं लाइटें
शहर में करीब 10 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटों के प्वाइंट हैं। बैठक में ही अधिकारियों ने स्वीकारा था कि महज तीन वार्डों के सर्वे में 600 से अधिक लाइटें खराब हैं तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरे शहर में 3 से 4 हजार प्वाइंटों पर लाइटें खराब हो सकती हैं। शहर में अंबाला रोड, करनाल रोड, ढांड रोड, सेक्टर 19 व 20 की सड़कों व शहर के अंदर के इलाकों में भी मुख्य मार्गों पर स्थित लाइटें खराब हैं। ये कब ठीक होंगी, कोई जानकारी नहीं हैं। अधिकारी एक ही बात कहते हैं कि इन्हें जल्द ठीक करवाया जाएगा।
लाइट इंस्पेक्टर अरविंद को एजेंसी ने हटा दिया है। शहर में लाइटों के संबंध में कार्ययोजना तैयार की जा रही है। शीघ्र ही खराब पड़ी लाइटों को ठीक करवाया जाएगा। बलबीर सिंह, ईओ नगर परिषद