संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। नगर में बंदरों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय लोग और श्रद्धालु भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र कपिल मुनि मंदिर परिसर और कपिल तीर्थ के घाट हैं, जहां बंदरों ने लगभग पूरी तरह कब्जा जमा रखा है।
कपिल तीर्थ के महिला घाट पर सैकड़ों की संख्या में बंदर हर समय डेरा जमाए रहते हैं। आभूषण व्यापारी नरेश वर्मा ने बताया कि हर पूर्णिमा को यहां बड़ा मेला लगता है, जिसमें हजारों महिलाएं स्नान और पूजा के लिए पहुंचती हैं लेकिन पिछले कई महीनों से बंदरों के डर के कारण महिलाएं घाट पर स्नान करने की बजाय केवल आचमन कर लौटने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि कई बार बंदर महिलाओं पर हमला भी कर चुके हैं।
मंदिर परिसर में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। दर्शन के लिए आने वाले कई श्रद्धालु बंदरों के हमले में घायल हो चुके हैं। मंदिर के बाहर सड़कों पर भी बंदरों का झुंड बना रहता है, जो राहगीरों पर भी हमला करने से नहीं चूकते।
स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने नगरपालिका प्रशासन से बंदरों को पकड़वाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आगामी पूर्णिमा मेले से पहले जिला उपायुक्त और एसडीएम को इस समस्या पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए।
जल्द ही बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इससे पहले भी नगर में बेसहारा गायों और गोवंश को पकड़कर गोशाला भेजा जा चुका है।
-पवन शर्मा, सचिव- नगर पालिका