नगर पालिका प्रशासन ने बंदरों के आतंक से परेशान लोगों को राहत पहुंचाने के लिए बंदरों को पकड़वाने का अभियान शुरू किया है। पिछले लंबे समय से शहर में विभिन्न क्षेत्रों में बंदरों के झुंड आतंक का सबब बने हुए हैं। बंदरों ने बच्चों, महिलाओं सहित कई लोगों को घायल भी कर दिया है। इससे परेशान शहर के लोग बार-बार प्रशासन से बंदरों को पकड़े जाने की गुहार लगाते रहे हैं। एक माह पहले नगर पालिका ने शहर से बंदरों को पकड़वाने के लिए टेंडर जारी किए थे। बंदरों को पकड़ने के लिए सोनीपत से कलायत पहुंची ग्यारह सदस्यीय टीम ने पालिका की मदद से बंदरों को पकड़ने के लिए एक बड़ा पिंजरा व दो छोटे पिंजरे लगाए। नगर पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि सलिंद्र राणा, वाइस चेयरपर्सन प्रतिनिधि बैशाखी, मनोनीत पार्षद रणबीर धानियां व भारत मन्नू कपूर ने बताया कि शहर में बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका व वन विभाग की संयुक्त टीम ने सोनीपत से आई मंकी कैचर टीम की मदद से बंदरों को पकड़नी शुरू कर दिया है। अब तक लगभग 70 बंदरों को पकड़ा जा चुका है।
बंदरों के हमले से हो चुकी है बुजुर्ग की मौत :
बंदरों के हमले से लोगों की मौत भी हो चुकी है। इस सबके बावजूद नगर निकाय और वन विभाग अरसे से चुप्पी साधे बैठे थे। अब वन विभाग की नींद टूटी है। पालिका में तैनात जेई मंदीप श्योकंद ने कहा है कि शहर में बंदरों का काफी आतंक हो गया था। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके द्वारा बंदरों को पकड़ने के लिए मंकी कैचर टीम को बुलाया गया है। कोई भी अपने क्षेत्र में बंदरों को पकड़वाने के लिए शिकायत दर्ज करवा सकता है ताकि बंदर पकड़ने वाली टीम सही समय पर पहुंच सके और टीम को भी सुविधा हो सके।