हमारी पुलिस व स्वास्थ्य सेवाएं जिस प्रकार की लेट लतीफी रोजमर्रा के कार्य के दौरान दिखाती है वैसा ही नजारा शनिवार को गुहला में देखने को मिला। दरअसल शनिवार को आपदा प्रबंधन विभाग हरियाणा तथा राजस्व विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, गुहला के परिसर में भूकंप आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रील का आयोजन किया जाना था।
स्कूल में पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार भूकंप की घोषणा होने के साथ ही पूरे स्कूल में हड़कंप मच गया। कुछ स्कूली बच्चे अपने बैग सिर पर रख कर बचते हुए बाहर की तरफ भाग रहे थे। भूकंप के दौरान अंदर फंसे रह गए व घायल हुए बच्चों को राहत कर्मी बाहर निकाल रहे थे लेकिन ये क्या इन घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस तो पहुंची ही नहीं थी। अंदर से बाहर लाए गए बच्चों को मैदान तक पहुंचा कर ही इस कार्यक्रम को पूरा किया गया।
इस पूरे अभियान के लिए गुहला पुलिस के भी मात्र दो कर्मचारी काफी देर बाद कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अधिवक्ता अरविंद खुरानिया ने कहा कि बेशक यह कार्यक्रम अचानक आने वाली आपदा के दौरान बचाव के लिए प्रशिक्षण मात्र था लेकिन इस सबके बावजूद एंबुलेंस का घटना स्थल पर ना पहुंचना हमारी पूरी व्यवस्था की पोल खेलता है। उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम दो विभागों की लेट लतीफी के चलते सिरे नहीं चढ़ पाया है, जिसकी रिपोर्ट आपदा प्रबंधन अनुसंधान हरियाणा के अधिकारियों को भेजी जाएगी। इस मौके पर अरविंद खुरानिया एडवोकेट,अधिवक्ता ललित मलिक व चरण सिंह, होम गार्ड के जवान सुरेन्द्र, राकेश, सुनील, सुभाष व स्कूल का स्टाफ भी मौजूद रहे। ज