संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। विधानसभा सत्र के तीसरे दिन कैथल विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक लीला राम ने शहर में सेक्टर 19 व 20 में बने ताऊ देवी लाल पार्क की ग्रीन बेल्ट की जमीन को लोगों को जारी करने की मांग उठाई है।
विधायक का कहना है कि पिछले कई सालों से यहां पर कई लोगों के प्लाट हैं, जिनका उन्हें कोई मालिकाना हक नहीं मिल रही है। ऐसे में इन लोगों की जमीन को जारी किया जाना चाहिए। ऐसा होने से इन लोगों को काफी सुविधा होगी और जिनके पास रहने के लिए कोई स्थान नहीं है। जमीन जारी होने के बाद उन्हें रहने के लिए जगह मिल पाएगी।
वहीं, विधायक लीला राम ने उनके गांव उझाना में खोले गए शराब के ठेके तो तुरंत की बंद करने की मांग की है। विधायक भरी सदन में शराब के ठेका बंद करने की सिफारिश की है। विधायक ने कहा कि मेरे गांव में न कोई शराब पीता और न ही कोई बेचता है। उनके गांव के लोग उनसे बार बार ठेका बंद करवाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही शराब के ठेके को बंद करवाएंगे। अंत में विधायक ने हाल ही में शहर में किए गए सड़कों के निर्माण कार्य होने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का आभार जताया है।
शामलात जमीन के पट्टेदारों का मुद्दा छेड़ा
कैथल। गुहला के विधायक ईश्वर सिंह ने भी विधानसभा सत्र के तीसरे दिन शामलात जमीन के पट्टेदारों की आवाज उठाई है। उन्होंने बताया कि अदालत के आदेशों के तहत मालिकाना हक कई सालों के बाद नहीं मिला है। इसलिए सरकार अब पट्टे पर उन्हें जमीन तो दे सकती है।
विधायक ने प्रश्न पूछते हुए कहा कि आखिर इन्हें मालिकाना हक कब दिया जाए। इस मामले में पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली ने कमेटी बनाने का जवाब दिया। विधायक ने कहा कि नियम व कानून तो बदले, लेकिन उन्हें मालिकाना हक नहीं मिला है। यह हक उन्हें कब मिलेगा। उच्च न्यायालय ने वर्ष 2014 में राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। इसके बाद 2016 में भी नोटिस दिया। इसमें किसी भी पट्टेदार को मालिकाना हक देने रोक दिया गया।
जब सरकार ने कमेटी बनाने की बात मानी है तो नियम बदलकर एक्ट लाकर मालिकाना हक दिया जाए। इस पर पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली ने कहा कि सरकार इस पर विचार कर रही है। उप मुख्यमंत्री ने भी कहा कि कुरुक्षेत्र व कैथल में बंजर जमीनें हैं। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। सरकार फिर भी विचार कर रही है। संवाद