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Kaithal News: बसों के मुफ्त सफर ने बहनों के छुड़ाए पसीने

Wed, 30 Aug 2023 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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कैथल। रक्षाबंधन पर मंगलवार को पहले दिन रोडवेज बसों का सफर मुफ्त तो रहा, लेकिन दोपहर में उमस ने बहनों के पसीने छुड़ा दिए। सुबह पहले तो भीड़ कम दिखी लेकिन दोपहर होने के बाद महिलाओं की संख्या बढ़ती गई। सीटों के लिए कई महिलाएं बसों की ओर दौड़ती भी नजर आईं। कई को तो खड़े होकर बस में सफर करना पड़ा।
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सरकार के आदेशों पर रोडवेज विभाग ने रक्षाबंधन पर्व पर मंगलवार दोपहर 12 बजे के बाद 36 घंटे के लिए शुरू की महिलाओं की निशुल्क यात्रा शुरू की। इस यात्रा के शुरू करने से पहले सुबह के समय तो बस स्टैंड पर काफी कम भीड़ देखने को मिली थी, लेकिन जैसे ही दोपहर 12 बजे यह यात्रा शुरू हुई तो दो घंटे के बाद स्टैंड पर महिलाओं की भीड़ जुट गई।

भीड़ अधिक होने के कारण कई रूटों पर बसों की समस्या भी हुई। बता दें कि इस बार रोडवेज के कैथल डिपो में 176 बसें हैं, लेकिन करीब 15 नई बसों का बीमा न होने की स्थिति में इन्हें रूट पर नहीं भेजा गया। हालांकि विभाग के दावे रहे कि उन्होंने सभी रूटों पर बसों का चलाया। इसको लेकर संस्थान के प्रबंधक रोहताश जांगड़ा ने बस के काउंटरों का भी निरीक्षण किया। वहीं, निजी बसों की मनमानी भी इस दौरान देखने को मिली।
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निजी बसें रूट पर चलाई तो जा रही थी, लेकिन इसमें अधिक भीड़ होने का हवाला देकर महिलाओं को बसों में नहीं चढ़ाया गया। इस पर रोडवेज प्रबंधन का कहना था कि यदि निजी बस संचालकों ने

ऐसा किया है तो वे आरटीए को कार्रवाई के लिए लिखेंगे।

महिलाओं को बसों में निशुल्क यात्रा के लिए एक तरफ जहां पर बसों की व्यवस्था ठीक ढंग से नहीं हो पाई। जबकि बस स्टैंड पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस भी तैनात नहीं थी। वहीं, कैथल डिपो के महाप्रबंधक अजय गर्ग का कहना था कि उन्होंने सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा मुहैया करवाने के लिए पत्र लिखा था।

उन्होंने बताया कि भीड़ को देखते हुए 30 अतिरिक्त कर्मियों की ड्यूटियां रात तक लगाई गई थी। पहले दिन करीब 15 हजार महिलाओं व 15 वर्ष तक की आयु वाले बच्चों ने निशुल्क यात्रा की है। बुधवा को भी महिलाओं को सुविधा मिलेगी।
इन रूटों पर रही अधिक समस्या- ः महिलाओं के अनुसार बसों की समस्या ग्रामीण रूटों पर बसें न होने की अधिक समस्या रही थी। उनके अनुसार कलायत, राजौंद और पूंडरी के गांवों में जाने के लिए बसें नहीं मिल पाई। जबकि लंबे रूटों पर भी काफी अंतराल के बीच बसों का संचालन हो पाया। महिला रेनू रानी ने बताया कि उसे कलायत के गांव कालेखों में जाना था, करीब एक घंटे के बाद बस मिली। इसके साथ ही कुरुक्षेत्र जाने वाली महिला रूबी ने बताया कि उसे भी करीब डेढ़ घंटे के बाद बस मिली। निशुल्क यात्रा के आदेशों के तहत बसों में यात्रा के लिए व्यवस्था बनाने के लिए 30 अतिरिक्त कर्मियों की ड्यूटियां बस स्टैंड पर लगाई गई थी। बस स्टैंड पर सहायता केंद्र भी बनाया गया था। यहां पर रोडवेज कर्मियों की ड्यूटियां लगाई गई थी।
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