संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। विधायक सतपाल जांबा ने वीरवार को गांव फरल में पहुंचकर गांव की महिला सरपंच से माफी मांगने के बाद राखी बंधवाकर मामले का पटाक्षेप करने की कोशिश की।
इस अवसर पर जांबा ने कहा कि सरपंच उनकी बहन के समान है। उनकी ऐसी कोई मंशा नहीं थी। उन्होंने सरपंच प्रतिनिधि साहब सिंह राणा को भी कंधे से कंधा मिलाकर चलने का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि यह मामला विधानसभा में भी कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने उठाया था । इस विवादित टिप्पणी को लेकर विधायक बैकफ़ुट पर आ चुके थे। गांव फरल ही नहीं बल्कि राजपूत समाज के दूसरे गांवों में इस टिप्पणी को लेकर गहरा रोष था।
क्या था मामला ः पूंडरी से भाजपा विधायक सतपाल जांबा ने चुनाव जीतने के बाद अपने हलके में धन्यवादी दौरे कर रहे हैं, इसी कड़ी में जब वह गांव एक कार्यक्रम के दौरान गांव फरल में स्थित फल्गु तीर्थ पर पहुंचे तो उस मंच पर महिला सरपंच मौजूद नहीं थी, उसकी जगह सरपंच प्रतिनिधि साहब सिंह आए हुए थे।
अपने संबोधन के दौरान जब विधायक ने सरपंच प्रतिनिधि से पूछा कि आप प्रतिनिधि हो तो गांव की सरपंच कहां है, तो सरपंच प्रतिनिधि ने कहा कि वह तो घर है जी, तभी विधायक सतपाल जांबा ने सरपंच प्रतिनिधि को बोला कि सरपंचनी को बुला दो, हमें भी थोड़ी फीलिंग आ जाएगी कि हमें भी कोई देखने आया है, विधायक सतपाल जांबा महिला सरपंच के ऊपर की गई यह टिप्पणी हल्के में चर्चा का विषय बन गई थी।