कैथल। हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सोमवार को पारित हरियाणा जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) बिल की कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने सदन में कड़ी आलोचना की। अपने अभिभाषण में उन्होंने इस बिल को जन विश्वासघात करार देते हुए कहा कि कारोबार को आसान बनाने के नाम पर सरकार पर्यावरण और आमजन के स्वास्थ्य से गंभीर समझौता कर रही है।
सुरजेवाला ने कहा कि यह बिल अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला है और इससे पर्यावरण संरक्षण के लिए बने कानून कमजोर होंगे। उन्होंने विशेष रूप से दो संशोधनों पर गहरी आपत्ति जताई और सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि स्टोन क्रशर कानून में प्रस्तावित संशोधन के तहत बिल की शेड्यूल-25 में हरियाणा रेगुलेशन एंड कंट्रोल ऑफ क्रशर्स एक्ट, 1991 की धारा-12 में बदलाव किया गया है। इसके अनुसार अवैध स्टोन क्रशिंग पर अब जेल की सजा हटाकर केवल दो से चार लाख रुपये का जुर्माना प्रस्तावित किया गया है।
आदित्य सुरजेवाला ने इसे अवैध स्टोन क्रशर माफिया को ग्रीन सिग्नल बताते हुए कहा कि इस संशोधन से अरावली पहाड़ियों को खोखला करने वालों को करोड़ों रुपये कमाने की खुली छूट मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि “पहले प्रदूषण करो, बाद में जुर्माना दो” जैसी नीति पूरे पर्यावरणीय तंत्र को तबाह कर देगी और इसका खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा। सुरजेवाला ने सदन में इसका वैकल्पिक संशोधन भी प्रस्तावित किया। उन्होंने कहा कि पहली बार उल्लंघन पर केवल पेनल्टी लगाई जा सकती है, लेकिन दोबारा अपराध करने पर 5 से 10 लाख रुपये तक का जुर्माना और दो साल तक की जेल का प्रावधान होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित कानून की धारा-13 को हटाने का भी कड़ा विरोध किया। संवाद
कांग्रेस विधायक ने कहा कि सरकार को विकास और कारोबार के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। उन्होंने सरकार से इस बिल पर पुनर्विचार करने और जनहित में संशोधन करने की मांग की।