कलायत। कलायत शहर के सात पार्कों के रखरखाव और सुरक्षा टेंडर में बड़ी हेराफेरी का मामला सामने आया है। करीब 29 लाख रुपये के इस बजट कार्य की उपायुक्त अपराजिता के निर्देश पर एडीसी सुशील कुमार ने जांच की। समाजसेवी सुरेंद्र वैद्य को आरटीआई के माध्यम से यह जांच रिपोर्ट मिली है जिसमें अनियमितताएं उजागर हुई हैं।
आरटीआई कार्यकर्ता सुरेंद्र वैद्य ने बताया कि एडीसी की रिपोर्ट के अनुसार मई 2026 में एसडीएम अजय हुड्डा के निरीक्षण से पहले पार्कों में गार्डों की उपस्थिति स्पष्ट नहीं थी। यह निरीक्षण टेंडर कार्य के करीब 10 माह बीत जाने के बाद किया गया था। इसके बावजूद नगर पालिका अधिकारियों ने एजेंसी को छह माह के कार्य के लिए 12 लाख 80 हजार 986 रुपये का भुगतान कर दिया। सुरेंद्र वैद्य ने शिकायत की थी कि कलायत नगर पालिका ने 22 जुलाई 2025 से एक वर्ष के लिए निजी एजेंसी को टेंडर दिया था। 24 घंटे सुरक्षा के लिए 21 सुरक्षा गार्ड तैनात होने चाहिए थे लेकिन एसडीएम के निरीक्षण में केवल सात गार्ड उपस्थित मिले। इनमें सफाईकर्मी भी शामिल थे। कर्मियों से आठ घंटे के बजाय 24 घंटे ड्यूटी ली गई, जो श्रम कानूनों का उल्लंघन है। जांच रिपोर्ट में वित्तीय नुकसान और भ्रष्टाचार का विवरण दिया गया है।
पार्कों की स्थिति और अनियमितताएं
एडीसी सुशील कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, कलायत के सात में से छह पार्कों में पानी की सुविधा नहीं थी। केवल अग्रसेन पार्क में ही पानी उपलब्ध पाया गया। सभी सात पार्कों में से किसी में भी कूड़ेदान नहीं मिले। यह स्थिति पार्कों के रखरखाव में गंभीर लापरवाही दर्शाती है।
एडीसी के निर्देश
अतिरिक्त उपायुक्त ने कलायत नगर पालिका के सचिव, पालिका अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को निर्देश दिए हैं। उन्होंने रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन से छह महीने के कार्य का भौतिक सत्यापन करवाने को कहा है। सत्यापन के बाद ही पार्कों में उचित साफ-सफाई, रखरखाव और गार्डों की सही उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके उपरांत ही एजेंसी के आगामी बिलों का भुगतान किया जाए।