कैथल। जाखौली अड्डा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में रंगमंच कार्यशाला का चौथे दिन भी जारी रहा। सबसे पहले सुबह प्रशिक्षक सीमा व सूरज ने बच्चों को रंगमंच कार्यशाला में अभ्यास करवाया। इसके बाद शारीरिक कसरत, उसके बाद माइम सिखाई। बच्चों को बताया कि बिना बोले कैसे वह एक्टिंग करें और अपनी बॉडी के हावभाव के जरिये कैसे संदेश पहुंचा सकते हैं। इसमें सिर्फ जेस्चर ही प्रयोग कर सकते हैं। इसके बाद विद्यार्थियों को आंखें बंद कर के लेटा दिया। जिसके बाद एक कहानी सुनाई, जिसमें बच्चों ने वहीं कल्पना की। फिर उनसे पूछा तो बच्चों ने बताया कि वो वैसा महसूस करने लग गए थे। उनको होमवर्क में जो क्लास में किया वो लिखने के लिए कहा, क्योंकि लिखी हुई चीज हमें देर तक याद रहती है।
यह कार्यशाला चंडीगढ़ के इंडियन थिएटर विभाग की अध्यक्ष डॉ. नवदीप कौर के मार्गदर्शन में की जा रही है। शिक्षा में रंगमंच के लिए कार्यशाला की जा रही है।
रंगमंच के जिला संयोजक सुशील कुमार ने कहा कि यह रंगमंच कार्यशाला सरकार की ओर से पहली बार आयोजित करवाई है। यह सरकार की अच्छी पहल है। ऐसी कार्यशाला निरंतर होनी चाहिए। इसमें बच्चे बहुत कुछ सीख रहे हैं व उन्हें आगे बढऩे का अवसर मिल रहा है। यह सीखने के बाद बच्चे मंच पर खुलकर प्रदर्शन कर सकते हैं और भविष्य में इसके रोजगार के नये आयाम स्थापित होंगे।
इस मौके पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष चंद्र वर्मा, अधीक्षक वीरेंद्र यादव, सहायक अधीक्षक सुरेश कौशिक, सहायक
पुरुषोत्तम व लिपिक राजेश कुमार मौजूद रहे।