राजौंद। मिड-डे मील कार्यकर्ताओं ने सैकड़ों की संख्या में राज्य कमेटी के आदेशानुसार करनाल में प्रदर्शन के लिए रवाना होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने बताया कि स्कूलों में काम करने वाली अधिकांश महिलाएं गरीब परिवारों से हैं या विधवा हैं।
इसके बावजूद सरकार उन्हें मानदेय के नाम पर केवल 7,000 रुपये प्रति माह देती है और वह भी केवल 10 माह के लिए, जो महंगाई के दौर में पर्याप्त नहीं है। नाराजगी जताकर कहा कि तीन महिलाएं दिनभर 200-200 बच्चों के लिए खाना बनाना, बर्तन धोना और रसोई की सफाई करती हैं, लेकिन उन्हें अच्छा मानदेय नहीं मिलता। इसी कारण मिड-डे मील वर्करों में गहरा रोष है। कार्यक्रम में भारी संख्या में मिड-डे मील वर्कर मौजूद रहे और उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार से इन मांगों को तुरंत पूरा करने की अपील की।