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Kaithal News: पारा<bha>@</bha>44.1, बिजली कटाैती से बेहाल हुए लोग

Fri, 13 Jun 2025 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। प्रदेशभर की तरह कैथल जिले में भी भीषण गर्मी का कहर जारी है। वीरवार को अधिकतम तापमान 44.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बढ़ते तापमान को देखते हुए मौसम विभाग ने इस सीजन का पहला रेड अलर्ट जारी करते हुए लू और अत्यधिक गर्मी की चेतावनी दी है।

वीरवार को सुबह से ही तपन जारी रही। दिनभर आसमान से आग बरसने के साथ गर्म हवाएं पूरा दिन चलती रही। सड़कों पर सन्नाटा रहा और दुकानदार भी ग्राहकों का इंतजार करते दिखे।
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मौसम विभाग के मुताबिक, लोगों को आगामी छह दिनों तक राहत मिलने की संभावना कम है। हालांकि, 18 जून से बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।

बिजली कटौती ने बढ़ाई परेशानी :

तेज गर्मी के साथ-साथ बिजली की अघोषित कटौती ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। बुधवार रात 10 बजे से लेकर वीरवार तड़के तक करीब तीन घंटे बिजली गुल रही। इससे न केवल रात की नींद प्रभावित हुई, बल्कि सुबह पेयजल आपूर्ति के समय भी बिजली बाधित रही, जिससे लोगों को खासा परेशान होना पड़ा।

तापमान में और बढ़ोतरी का अनुमान ः राज्य के दक्षिणी हिस्सों में अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने लू के प्रकोप को देखते हुए लोगों को सुबह 9 बजे से शाम तक धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

विशेषज्ञों ने विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह मौसम खतरनाक बताया है और लगातार पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने तथा घर के अंदर रहने की हिदायत दी है।

मानसून से मिल सकती है राहत ः मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 13–14 जून से पुनः सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से 14 जून की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में हल्की बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है, जिससे तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है।

नौतपा के बाद से तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। वीरवार को सुबह 9 बजे ही तापमान 38 डिग्री पहुंच चुका था, जो दोपहर में 44.1 डिग्री तक जा पहुंचा। दिनभर गर्म हवाओं के थपेड़ों से सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। नौतपा की तुलना में इस बार अधिकतम तापमान में 6.7 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो चिंताजनक है।

-डॉ. रमेश चंद्र वर्मा, कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष

दुग्ध उत्पादन घटने से पशुपालकों को चिंता

गर्मी से आमजन के साथ-साथ पशु, पक्षी भी गर्मी की मार झेल रहे हैं। बढ़ती गर्मी के कारण दूध उत्पादन में करीब 20 फीसदी तक गिरावट देखने को मिली है। ऐसे में पशु पालकों की चिंता बढ़ने लगी है। कुरुक्षेत्र के पशुपालन विभाग के सब डिविजनल ऑफिसर डॉ. जसवीर पंवार ने बताया ऐसी गर्मी में पशुओं की पाचन क्षमता कमजोर हो जाती है और दूध उत्पादन की क्षमता घट जाती है। पशुओं को हर रोज 50 ग्राम खनिज मिश्रण दें।
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क्या है रेड अलर्ट

जब मौसम विभाग रेड अलर्ट जारी करता है तो इसका मतलब है कि स्थिति बेहद गंभीर है और लोगों को हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए सावधानी बरतने, अधिक से अधिक पानी पीने और बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जाती है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
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