संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत में साबरमती एक्सप्रेस के ठहराव व बंद की गई ट्रेनों को शुरू करने के लिए देव भूमि रेल यात्री अधिकार संघर्ष समिति ने कलायत पहुंचे डीआरएम व रेल यातायात निरीक्षक को मांगपत्र सौंपा। रेल यात्री समिति को डीआरएम के कलायत पहुंचने की सूचना मिलते ही सदस्य रेलवे स्टेशन पर जमा होने शुरू हो गए थे।
समिति के मुख्य सलाहकार रवि शंकर कौशिक ने बताया कि समिति सदस्यों ने अपनी मांगों का ज्ञापन डीआरएम सुखविंद्र, यातायात निरीक्षक अनिल यादव व स्टेशन मास्टर जयवीर दीक्षित को सौंपा। कौशिक ने बताया कि सदस्यों ने डीआरएम से कहा कि कलायत धार्मिक महत्व का स्थान है और हजारों लोगों का रेल के माध्यम से आवागमन होता है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल से पहले जिन गाड़ियांं का आवागमन होता था उनमें से दो रेलगाड़ियांं नंबर 54039 व 54042 को आज तक नहीं चलाया गया।
उन्होंने बताया कि ये दोनों गाड़ियां जाखल, मानसा, बठिंडा, गंगा नगर, लुधियाना तथा दिल्ली, रेवाड़ी व पानीपत की रेलगाडियां मेल करवाती थीं जिससे यात्रियों को बहुत लाभ होता था। इनके बंद होने से आमजन के साथ साथ विश्वविद्यालय में जाने वाले छात्रों को भी भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। समिति सदस्यों ने रेल अधिकारियों से इन दोनों गाड़ियों को शुरू करने की अपील की।
कौशिक ने बताया कि सदस्यों ने कहा कि साबरमती एक्सप्रेस रेलगाड़ी के कलायत में ठहराव की मांग बहुत पुरानी है। उन्होंने कहा कि इस गाड़ी के कलायत में ठहराव होने से क्षेत्रवासियों को चंडीगढ़ व रोहतक में पीजीआई का लाभ होगा ही साथ सालासर व बालाजी की धर्मयात्रा पर जाने वालों को भी इसका लाभ मिलेगा।
डीआरएम सुखविंद्र सिंह ने समिति सदस्यों की मांगों को ध्यान से सुना व बेहतर निर्णय लिए जाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर रवि शंकर कौशिक, सुरेश कुमार, महावीर सिंह, ऋतिक कौशिक, बलिंद्र धीमान, नरेश नायक, सुरेंद्र सैंसी सहित अनेक समिति सदस्य मौजूद रहे।