खराब फसल की समय पर मुआवजा देने समेत किसानों के विभिन्न मांगों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। साथ ही कृषि बाजार नीति रद्द करवाने की मांग के समर्थन में 26 जनवरी को शहर में प्रदर्शन का निर्णय लिया।
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर लघु सचिवालय परिसर में इस संबंध में बैठक की। बैठक की अध्यक्षता मोर्चा के जिला प्रधान जसबीर सिंह, नरेश रोहेड़ा व महेंद्र सिंह ने की। डीसी अपराजिता को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान डीसी ने आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द सभी सड़कों को ठीक करवा दिया जाएगा। सड़कों को ठीक करवाने के लिए टेंडर लगवा दिया गया है। किसानों ने कहा कि बेसहारा पशु किसानों की फसलों को खराब कर रहे है। उन्हें भी पकड़वाया जाए।
डीसी ने कहा कि जल्द सभी समस्याएं दूर कर दी जाएगी। किसानों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उधर किसानों ने कहा कि सरकार किसानों की खराब फसल की समय पर मुआवजा राशि नहीं दे रही है। इसके लिए किसानों को कृषि विभाग के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जलभराव से बर्बाद हुई खरीफ 2025 की फसलों के मुआवजे का इंतजार बना हुआ है। किसानों ने कहा कि जिन गांव में जल भराव की समस्या है उनके लिए विशेष बजट जारी करते हुए पानी की निकासी के स्थाई प्रबंध किए जाए। बाहर से आने वाली धान की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। किसानों की एमएसपी पर फसल नहीं खरीदी जा रही है। औने-पौने दामों पर फसल खरीदी जाती है। इससे भी किसानों को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है।
किसानों को खाद देने के लिए शुरू किए गए ऑनलाइन पोर्टल आदि की शर्त को हटाया जाए। किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाई जाए। खाद के साथ जबरन नैनो जिंक सल्फर बीज जैसे अन्य सामग्री साथ देने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए और इसकी जांच के लिए प्रशासनिक टीमों का गठन किया जाए। संयुक्त किसान मोर्चा नई कृषि बाजार नीति को रद्द करवाने की मांग को लेकर 26 जनवरी को शहर में प्रदर्शन करेगा। इस मौके पर कवरजीत सिंह, बलबीर सिंह, सतपाल, आनंद नाथ सिंह, सुरेंद्र सिंह, शकुंतला अजय कुमार राजकुमार सरसा व बाबू राम जियालाल उपस्थित रहे।