फास्ट फूड का अधिक सेवन बच्चों के शारीरिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। जिला नागरिक अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में प्रतिदिन 50 से लगभग अभिभावक अपने बच्चों के पोषण और लंबाई बढ़ाने के लिए सलाह लेने आते हैं। ये जानकारी बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल अग्रवाल ने दी।
उन्होंने बताया कि मैंगी ,सफेद नमक ,कोल्ड ड्रिंक हानिकारक हैं । जो लीवर में फैट जमा होने और रक्त की कमी जैसी समस्याओं का मुख्य कारण सही पोषण का अभाव है। आजकल बच्चे घर का पौष्टिक खाना छोड़कर फास्ट फूड को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसमें जरूरी पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और विटामिन की कमी होती है। चिकित्सक अिधकारी डॉ. प्रियंका के अनुसार, छाती में दर्द , गैस, बच्चों की हाइट रुकना न केवल खानपान ही नहीं, बल्कि माता-पिता की हाइट, नींद की कमी और शारीरिक गतिविधियों का अभाव भी बच्चों के विकास को प्रभावित करता है। देर रात तक मोबाइल या टीवी देखने के कारण बच्चों की नींद पूरी नहीं हो पाती, जिससे ग्रोथ हार्मोन का स्त्राव प्रभावित होता है। इसके अलावा, खेलकूद की कमी और शारीरिक गतिविधियों के अभाव से हड्डियों और मांसपेशियों का विकास ठीक से नहीं हो पाता। नागरिक अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में बच्चों में यह देखा गया है कि वे दूध, दही, हरी सब्जियां, फल और दालों से दूर हो रहे हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बच्चों को सही संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और कम से कम एक घंटे की शारीरिक गतिविधि मिले, तो यह उनकी हाइट और शारीरिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान कर सकता है।
खाने में करें शामिल प्रोटीन :
मूंग, चना, राजमा, पनीर, सोयाबीन, नट्स और सीड्स।
कैल्शियम और विटामिन डी
:
दूध, दही, पनीर, पालक, मेथी और धूप।
जिंक और मैग्निशियम :
बादाम, अखरोट, अलसी,
विटामिन ए के लिए गाजर
ये है जरूरी
सुनिश्चित करें कि बच्चें को हर तरह के पोषक तत्व मिलें ।
रोजाना कम से कम 1-2 घंटे खेलने के लिए प्रेरित करें।
अच्छी नींद बच्चों के विकास में मदद करती है।
सुबह की हल्की धूप विटामिन डी के लिए फायदेमंद है।