कलायत। कलायत में आजादी से पहले बने रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं के मद्देनजर एक्सप्रेस, मेमू और चंडीगढ़ सुपरफास्ट एक्सप्रेस के ठहराव का मुद्दा फिर से जोर पकड़ गया है। इस संदर्भ में देवभूमि रेलगाड़ी यात्री अधिकार संघर्ष समिति ने सांसद नवीन जिन्दल के नाम ज्ञापन सौंपा।
समिति के सदस्यों ने कहा कि कलायत भगवान कपिल मुनि की तपोस्थली एवं ज्ञानस्थली है और यह नगर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए ट्रेनों के ठहराव की सुविधा बेहद जरूरी है। इससे शहर में पर्यटन बढ़ेगा और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
समिति के संस्थापक रामकुमार नायक, प्रधान रोहताश धानियां, मुख्य सलाहकार रवि शंकर कौशिक, महासचिव शंकर गर्ग और अन्य सदस्यों ने बताया कि कोरोना काल में मार्च 2020 से बंद हुई गाड़ी संख्या 54039 और 54042 को दोबारा चलाया जाए। इसके साथ ही गाड़ी संख्या 19411 और 19412 (साबरमती एक्सप्रेस) का कलायत में ठहराव भी सुनिश्चित किया जाए।
साबरमती एक्सप्रेस के ठहराव की कलायत में लंबे समय से मांग रही है। यह रेलगाड़ी कुरुक्षेत्र से नरवाना रूट के माध्यम से चलती है, लेकिन अभी तक कलायत में इसका ठहराव नहीं हुआ। देवभूमि रेल यात्री अधिकार संघर्ष समिति ने क्षेत्रवासियों के हस्ताक्षर अभियान के जरिए ज्ञापन तत्कालीन सांसद और वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सौंपा था। समिति ने बताया कि इस ठहराव से धार्मिक स्थलों, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवसाय के लिहाज से यात्रियों को काफी लाभ मिलेगा। संवाद