मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीडियो कांफ्रेंस से जिले के अधिकारियों को संबोधित किया। इस दौरान डीसी सुजान सिंह की ओर से जानकारी देने पर जिले में बाढ़ राहत कार्यों के लिए खर्च होने वाली 2.19 करोड़ रुपये की राशि को स्वीकृति दे दी है। सीएम ने आदेश जारी किए हैं कि सभी डीसी सभी जिलों में किए जाने वाले कार्यों का समय-समय पर निरीक्षण करें। सभी कार्य पूरे होने पर संभावित बाढ़ से बचा जा सकेगा और आम जन को इसका सीधा लाभ मिलेगा। घग्गर नदी की सफाई का पूरा ध्यान रखें, इसके साथ-साथ भूमिगत जल में सुधार के लिए रिचार्जिंग प्रणाली को विकसित करें ताकि भूजल के स्तर में सुधार आ सके।
इससे पहले उन्होंने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से राजस्व विभाग के एफसीआर धनपत सिंह ने सभी कार्यों की जिलावार समीक्षा की और प्रस्तावित कार्यक्रमों के बारे में फीड बैक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले मानसून सीजन के पहले सभी कार्य संपन्न हो जाने चाहिए। इन कार्यों के पूरा होने से आबादी व फसल को बचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का समय सीमा का आंकलन होना चाहिए। विभाग द्वारा दिए गए टार्गेट समय से कार्य को पूरा करने का भरसक प्रयास करें ताकि लोगों को लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि शिवधाम योजना के तहत प्रदेश के सभी शमशान घाट व कब्रिस्तान में रास्ते, चार दीवारी, शेड तथा पानी की शत प्रतिशत व्यवस्था ठीक होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में 5-5 तालाबों का विकास किया जाए। तालाब प्राधिकरण के माध्यम से तालाबों के जीर्णोद्घार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। पूरे प्रदेश में 14 हजार तालाब है, जिनको विकसित किया जाएगा। प्रत्येक जिला में एक तालाब रोल मॉडल के रूप में विकसित किया जाए।
डीसी ने बताया कि जिला कैथल मे बाढ़ प्रबंधन की दिशा में विभिन्न स्थानों पर 2 करोड़ 19 लाख 83 हजार की राशि से कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि घग्गर के नजदीक भाटिया गांव में स्टॉन पिचिंग का कार्य 500 फीट के क्षेत्र में किया जाता है, जिस पर 23 लाख 18 हजार रुपये की राशि खर्च होगी। उरलाना के पास स्टॉन स्टड्स का कार्य किया जाएगा, जिस पर 74 लाख 77 हजार की राशि खर्च की जाएगी। इसके साथ 1800 फीट क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जाएगा। इस पर 25 लाख 12 हजार रुपये की राशि खर्च की जाएगी। गांव घोघ में 70 लाख 88 हजार रुपये की राशि से होने वाले बाढ़ बचाव के कार्य किए जाएंगे। इसके साथ नौच तथा पूंडरी, काकौत के पास बाढ़ के पानी को नहर में डालने के लिए इनलेट बनाए जाएंगे, जिस पर 25 लाख 88 हजार रुपये की राशि खर्च की जाएगी। उन्होंने ग्योंग लिंक ड्रेन के संदर्भ में मुख्यमंत्री से बात की और किए जाने वाले कार्य की स्वीकृति ली, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकृति दे दी। इस ड्रेन पर इसी माह कार्य शुरू हो जाएगा, जो कि शहर वासियों की लंबित मांग दी। उन्होंने कहा कि किसी भी नहर में दूषित जल नहीं डाला जा रहा है। जिला में 4 सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट हैं, जिनके माध्यम से पानी को ट्रीट करके डाला जा रहा है। इस मौके पर कार्यकारी अभियंता बनारसी दास, प्रशांत, हंसराज, कर्णवीर, डीआईओ दीपक खुराना, रमेश कुमार मौजूद रहे।