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ठंड में मेडिकल प्रमाण पत्र के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर भटकते रहे विद्यार्थी

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शिक्षा विभाग द्वारा सोमवार से तीन घंटों के लिए स्कूल खोलने का फरमान विद्यार्थियों के लिए मुसीबत बन गया। स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग में आपसी तालमेल नहीं होने से पिछले तीन दिनों से अभिभावकों व विद्यार्थियों को स्वास्थ्य प्रमाण पत्र हासिल करना एक परेशानी बना हुआ है। शिक्षा विभाग ने स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अनिवार्य किया है। लेकिन स्वास्थ्य केंद्रों को ऐसे कोई निर्देश नहीं हैं कि बच्चों को किस तरह का प्रमाण पत्र जारी करना है। कोई कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट के लिए भटकता हुआ नजर आया तो कोई विद्यार्थी स्वास्थ्य प्रमाण पत्रों के लिए भटकता नजर आया। सोमवार को इस परेशानी के कारण स्कूलों में बच्चों की संख्या भी कम रही।
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मेडिकल पत्र न होने पर वापस लौटा छात्र- राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के छात्र विशाल ने कहा कि इस बारे में जानकारी नहीं थी। मेडिकल प्रमाण पत्र न होने पर स्कूल में प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद वह वापस घर लौट गया। अब अस्पताल जाकर पता करवाऊंगा कि कैसे यह प्रमाण पत्र बनेगा।
स्वास्थ्य की जांच करवाने के लिए भटकतीं रहीं छात्राएं
जिला अस्पताल पहुंची सोनी व माफी ने कहा कि वे स्कूल के लिए स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट बनवाने के लिए अस्पताल पहुंची है। यहां काफी देर से इंतजार कर रही हैं। यहां यह नहीं पता कि कौन सा प्रमाण पत्र बनवाना है और इसे कौन बनाएगा? वे स्वास्थ्य प्रमाण पत्र लेने वाला फार्म भरकर यहां भटक रही हैं। इसी प्रकार ओर भी काफी संख्या में छात्राएं परेशान रहीं।
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इसी प्रकार से दूसरे विद्यार्थियों ने कहा कि उन्हें प्रमाण पत्र के बारे में जानकारी नहीं है। यह कहां से बनेगा? कैसे मिलेगा? स्कूल में जाने पर बिना प्रमाण पत्र के वापिस लौटा दिया। अब वे मंगलवार को पता करवाएंगे कि दूसरे बच्चे कैसे प्रमाण पत्र बनवाकर ला रहे हैं। विद्यार्थियों ने कहा कि कोरोना की जांच करवानी है या सामान्य स्वास्थ्य जांच करवाई जानी है, इस बारे में भी उन्हें जानकारी नहीं है।
राजकीय ब्वॉयज स्कूल में 50 प्रतिशत पहुंचे बच्चे
कमेटी चौक स्थिति राजकीय ब्वॉयज स्कूल में दसवीं व बारहवीं कक्षा में 50 प्रतिशत बच्चे पहुंचे। प्रिंसिपल बीमला सिरोही ने बताया कि पहले दिन कम ही बच्चे पहुंचे। उन्होंने कहा कोविड-19 की हिदायतों का पालन किया जा रहा है। जो बच्चे स्वास्थ्य की जांच रिपोर्ट नहीं साथ लेकर आए उन्हें कक्षा में प्रवेश नहीं दिया गया।
राजकीय कन्या स्कूल में भी कम पहुंचे बच्चे
गीता भवन स्थित राजकीय कन्या स्कूल में बच्चे कम पहुंचे। यहां पहुंची छात्राओं पिंकी, मोनिका, कविता ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य की जांच करवाई गई थी। लेकिन रिपोर्ट नहीं आई। प्रिंसिपल रामपाल ने कहा कि पहले दिन कम ही बच्चे पहुंचे। कोविड-19 की हिदायतों का पूरा पालन किया जा रहा है।
पट्टी अफगान राजकीय स्कूल में दस बच्चे पहुंचे
पट्टी अफगान राजकीय स्कूल में कक्षा बारहवीं के दस बच्चे पहुंचे। यहां पहुंचे विद्यार्थियों ने कहा कि इस बारे में सूचना नहीं थी। वहीं कक्षा इंचार्ज द्वारा मोबाइल फोन के माध्यम से सूचित किया जाने का हवाला दिया गया।
विभाग की हिदायतों के बारे में किया गया सूचित
जिला शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा ने कहा कि विभाग द्वारा दी गई हिदायतों के बारे में सभी स्कूलों में सूचना दे दी गई है। विद्यार्थियों को सामान्य जांच करवानी है। अगर स्कूलों में बच्चे बिना मेडिकल प्रमाण-पत्र के पहुंचे हैं तो इसका पता करवाया जाएगा। अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आपके माध्यम से मामला संज्ञान में आया है पता करवाया जाएगा-सिविल सर्जन डा. ओमप्रकाश ने कहा कि आपके माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। पता करवाया जाएगा। विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
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