नई और पुरानी अनाज मंडी के लाइसेंस रिन्यू मामले में आढ़तियों को झटका लगा है। हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड ने लाइसेंस रिन्यू करने से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि जिन लाइसेंसों में मानकों का उल्लंघन किया गया है, उन्हें रिन्यू नहीं किया जा सकता है। दूसरी ओर आढ़तियाें का कहना है कि यह दुकानें कई सालों से संचालित की जा रही हैं। समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने कोर्ट जाने की चेतावनी दी है।
नई और पुरानी अनाज मंडी में करीब एक हजार आढ़ती कारोबार कर रहे हैं, जिनके पास लाइसेंस हैं। इनमें लगभग 342 ऐसे हैं जिनका लाइसेंस रिन्यू नहीं हो सका है। आढ़तियों ने बताया कि शनिवार को हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड के सीईओ द्वारा कैथल की नई व पुरानी अनाज मंडी के कुछ आढ़तियों के लाइसेंस रिन्यू करने से साफ इंकार कर दिया गया है। इसे लेकर रविवार को श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में हुई बैठक की अध्यक्षता मंडी प्रधान श्याम लाल नौच ने की। उन्होंने बताया कि आढ़तियों ने अपने लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए सभी कागज तैयार करके और साल की फीस का डीडी बनाकर मार्केट कमेटी कार्यालय में अप्रैल माह में जमा करवाया था। कमेटी के द्वारा उनका लाइसेंस रिन्यू नहीं किया गया तो वे पंचकूला मार्केटिंग बोर्ड में सीए से मिले। सीए ने साफ शब्दों में कह दिया है कि ये लाइसेंस रिन्यू नहीं हो सकते। पहले ये प्रोविजनल तौर पर बनते आ रहे थे। अब इसकी फाइल जांच पड़ताल होकर बंद हो चुकी है। प्रधान ने बताया कि अनाज मंडी में करीब 342 लाइसेंस लटके हुए हैं, जिनसे लगभग 1500 परिवार सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। सरकार से मांग है कि यदि नया रोजगार नहीं मिल पा रहा है तो जो रोजगार पहले से ही लोग चला रहे हैं उसे छीनने का काम न किया जाए। ये परिवार करीब 20 से 25 सालों से इन लाइसेंस के माध्यम से रोजी रोटी चला रहे हैं। बैठक में जिला मंडी प्रधान अश्वनी शोरेवाला, धर्मपाल कटवाड, कृष्ण शर्मा चंदाना, जय किशन मान, जसमेर ढांडा, पवन बंसल, पवन कोटड़ा, ऋषि पाल गुप्ता सैकड़ों आढ़ती उपस्थित थे।
डिप्टी सीएम से नहीं हुई मुलाकात, अब मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे बात
लाइसेंस रिन्यू कराने के मामले में आढ़तियों ने उप मुख्यमंत्री से मिलने का प्रयास किया, लेकिन वहां कोरोना केस मिलने के कारण उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से मुलाकात नहीं हो पाई। प्रधान ने बताया कि विधायक लीलाराम ने इस मामले में सीएम मनोहर लाल से मिलवाने का आश्वासन दिया है। अब आढ़ती सीएम से मिलकर अपनी बात रखेंगे। यदि सुनवाई नहीं हुई तो वे कोर्ट का सहारा लेंगे।