संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। रिश्तेदार बनकर 12.40 लाख रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में पुलिस ने गांव देवग्राम जिला उत्तर दिनाजपुर पश्चिम बंगाल निवासी आरोपी जयदेव बर्मन को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि टिकट-टैक्स और बीमारी के नाम पर यह रकम ऐंठी है।
पुलिस प्रवक्ता प्रवीण श्योकंद ने बताया कि गांव फरल थाना पूंडरी निवासी गुरचरण सिंह ने शिकायत में बताया था कि 8 जनवरी 2026 को उनके मोबाइल पर एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को उनका रिश्तेदार लवली बताते हुए कहा कि वह इंग्लैंड में रहता है और जल्द भारत आने वाला है।
गुरचरण सिंह के मुताबिक, जयदेव बर्मन ने विश्वास जीतने के लिए बैंक खाता नंबर मांगा, ताकि विदेश से रुपये भेज सके। भरोसा कर उन्होंने अपना केनरा बैंक खाता नंबर साझा कर दिया। इसके बाद आरोपी ने दावा किया कि उसने उनके खाते में 14.65 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए हैं।
कुछ देर बाद एक अन्य व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए फोन किया और कहा कि विदेश से भेजी गई राशि 24 घंटे में खाते में पहुंच जाएगी। इसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार कॉल आने लगीं। आरोपियों ने कभी टिकट बुकिंग, कभी अतिरिक्त सामान पर टैक्स, कभी मां की बीमारी और कभी वीजा बढ़वाने के नाम पर रुपये मांगे।
विश्वास में आकर गुरचरण सिंह ने आरटीजीएस समेत विभिन्न माध्यमों से अलग-अलग तारीखों में कुल 12 लाख 40 हजार रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।
15 जनवरी 2026 को जब गुरचरण सिंह बैंक में पैसे निकलवाने पहुंचे, तब पता चला कि उनके खाते में विदेश से कोई रकम नहीं आई है। उल्टा, उनके खाते से बड़ी राशि निकल चुकी थी। इसके बाद उन्हें साइबर ठगी का अहसास हुआ और मामले की शिकायत पुलिस को दी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम आरोपी जयदेव बर्मन के बैंक खाते में ट्रांसफर हुई थी। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी जयदेव बर्मन को गिरफ्तार कर लिया।