कैथल/कुरुक्षेत्र। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट, पॉक्सो मामलों) की अदालत ने पांच वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास और 2.50 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोषी की पहचान कैथल जिले के भागल गांव निवासी विक्रम उर्फ विक्की के रूप में हुई है। मामला 2 जून 2023 का है, जब पिहोवा थाना क्षेत्र में एक मां ने शिकायत दी कि उनकी बेटी सुबह घर से खेलने निकली थी और काफी देर तक वापस नहीं लौटी। बाद में बच्ची घायल हालत में एक खंडहर में मिली और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। मेडिकल जांच में बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने अपहरण और पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया।
जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया था। फुटेज में आरोपी बच्ची को अपने साथ ले जाता दिखाई दिया था। जांच में सामने आया कि वह बच्ची को खाने की चीज दिलाने के बहाने सुनसान जगह पर ले गया और वारदात को अंजाम देकर उसे लहूलुहान हालत में छोड़कर फरार हो गया। अदालत ने साक्ष्यों, गवाहों के बयान, मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो एक्ट की धारा-6 के तहत सजा सुनाते हुए कहा कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी, जिसमें आजीवन कारावास प्रमुख रहेगा। जिला न्यायवादी मैनपाल ने कहा कि यह फैसला समाज में बच्चियों की सुरक्षा को लेकर कड़ा संदेश है और इससे ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। संवाद