डीसी प्रदीप दहिया ने जल शक्ति अभियान के प्रति गंभीरता दिखाते हुए कहा कि यह केंद्र व प्रदेश सरकार का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, जिसके तहत जिले में कार्य किया जा रहा है। गिरते भू जल स्तर को देखते हुए जल शक्ति अभियान चलाया गया है। सभी अधिकारी अपना सकारात्मक योगदान दें और ताकि जल शक्ति अभियान जन आंदोलन का रूप ले सके।
डीसी ने लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हॉल में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के साथ जुड़कर जल संचय के क्रियाकलापों व पौधा रोपण जैसे महत्वपूर्ण विषय कार्य करें। उपायुक्त ने कहा कि अभियान के दौरान गांव-गांव जाकर लोगों को विभिन्न माध्यमों के जरिए जल संचय, पौधारोपण तथा अन्य जल बचाने के अन्य माध्यमों के बारे में जागरूक कार्यक्रमों को जारी रखें। इन सबके परिणाम स्वरूप आमजन मानस में पौधा रोपण तथा जल बचाने जैसे सामाजिक सरोकार विषय से जुड़कर आगे आएंगे।
डीसी ने फोरेस्ट, शिक्षा विभाग, पंचायत विभाग, सिंचाई विभाग, पब्लिक हेल्थ, मत्स्य पालन विभाग को जिले में अधिक से अधिक पौधारोपण करने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग द्वारा जिला में 9 हजार से ज्यादा पौधरोपण किया जा चुका है, जबकि वन विभाग द्वारा जिला में 97 हजार से ज्यादा पौधे रोपित किए जा चुके हैं। अन्य विभागों को पौधरोपण कर अभियान के टारगेट को पूरा करने के निर्देश दिए। कृषि विभाग द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र मेला लगाकर किसानों को ज ल संचय के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर डीडीपीओ जसविंद्र सिंह, डीडीए कर्मचंद, सईईओजिप कुलधीर सिंह, डीआईओ दीपक खुराना संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।