कैथल। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा ने सोमवार को कैथल के लघु सचिवालय में जाकर आशाकर्मियों के धरने को समर्थन दिया। रामपाल माजरा ने कहा कि सरकार को जल्द आशाकर्मियों की समस्याओं को दूर करना चाहिए और उनकी मांगों को पूरा करना चाहिए।
माजरा ने कहा कि एक तरफ जहां सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री महिलाओं को कोथली दे रहे हैं तो कैथल में भी आशाकर्मियों की मांग की तरफ क्यों ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि आशावर्करों के काम में बढ़ोतरी तो कर दी गई है, लेकिन उनके मानदेय में सरकार ने बढ़ोतरी नहीं की है।
सरकार को चाहिए की आशाकर्मियों की मांग को पूरा करते हुए उनका न्यूनतम वेतन 26000 कर दिया जाए। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा ने कहा कि वह आशा वर्करों के हड़ताल का समर्थन करते हैं और अगर सरकार ने उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया तो वह 2024 चुनाव में आशा कर्मियों की मांग को प्रमुखता से उठाएंगे।
मांगों के लिए करनाल में की रैली
कैथल। हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ ने शिक्षा बचाओ रोजगार बचाओ प्रतिनिधित्व पाओ रैली करनाल के सेक्टर 12 में हुई। रैली से लौटने के बाद हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ के राज्य उप प्रधान दलबीर राठी कहा कि अनुसूचित जाति की काफी समय से लंबित मांग पदोन्नति में आरक्षण, एससी का नौकरियों में बैकलॉग, कच्ची व पक्की नौकरियों में आरक्षण आदि को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की और जल्द से जल्द पदोन्नति में आरक्षण का नोटिफिकेशन जारी किया जाए। संवाद
राज्यमंत्री के समर्थकों का माजरा पर पलटवार
कैथल। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री पर अपने चहेतों को ग्रांट देने के पूर्व संसदीय सचिव रामपाल माजरा के आरोपों पर मंत्री के समर्थकों ने पलटवार किया है। राज्यमंत्री के समर्थक व रिश्तेदार फ्रांसवाला निवासी बलदेव सिंह, गुहणा निवासी सुमित्रा, कुलदीप, राजेंद्रा सेठ कॉलोनी निवासी विवेक गुप्ता ने कहा कि पूर्व सीपीएस व पूर्व विधायक रामपाल माजरा ने जो आरोप लगाएं हैं। वे बिल्कुल झूठे हैं। इन्होंने बताया कि मंत्री ने अपने किसी भी चहेते को ग्रांट नहीं दी है। माजरा ने इससे पहले भी पूर्व मंत्री स्व. नर सिंह ढांडा पर भी आरोप लगाए थे, लेकिन वे बाद में बे बुनियाद साबित हुए। संवाद