संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। महाराणा प्रताप चौक से विश्व प्रसिद्ध फल्गु तीर्थ तक पहुंचने वाली मुख्य सड़क की हालत खराब है। ग्रामीणों, राहगीरों व खासकर स्कूली छात्राओं को इससे परेशानी होती है।
गांव फरल वोटों, आबादी व क्षेत्र के हिसाब से पूंडरी हलके के मुख्य गांवों में शामिल होने के बावजूद वह हक हासिल नहीं कर पाया। जिसका कि गांव फरल वास्तव में हकदार है। ग्रामीणों बिजेंद्र राणा, देवव्रत राणा, बबलू शर्मा, जितेंद्र वाल्मीकि, हरी सिंह, बलबीर सिंह, रामगोपाल सिंह, सतीश राणा, मलकीत राणा, भीम शर्मा, नवीन राणा, प्रदीप राणा ने बताया कि गांव फरल में लगभग न हजार मतदाता हैं।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में ग्रामीणों ने भाजपा के प्रत्याशी नायब सिंह जो कि वर्तमान मेंं मुख्यमंत्री है। उनको चार हजार के करीब वोट दिए थे। आरोप लगाते हुए कहा कि सांसद ने उनके गांव की इस मुख्य सड़क की सुध नहीं ली। अबकि बार लोकसभा के चुनाव में यह गांव का मुख्य मुद्दा बनने जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि हैरानी तो इस बात कि है कि लोक निर्माण विभाग इस सड़क को अपनी मानने को ही तैयार नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस समस्या को हलका विधायक रणधीर गोलन के समक्ष भी कई बार रख चुके हैं लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
नाराज ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क आधी से अधिक टूट कर साथ लगते गहरे जोहड़ मेंं समा चुकी है। कई बार इस सडक़ पर हादसे हो चुके हैं। गनीमत यह रही कि अभी तक कोर्ई जान नहीं गई। महाराणा प्रताप चौक से गांव के एकमात्र श्मशान घाट तक तो सडक़ एक तरह से खत्म ही हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि पंजाब, हिमाचल, जम्मू व यूपी से तीर्थ पर आने वाले सभी श्रद्धालु इसी सडक़ से होकर तीर्थ तक पहुंचते हैं। गांव ही नहीं अपितु आस पास के कई गांवों की लड़कियों का वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भी इसी सड़क पर है। ग्रामीणों का कहना है कि इस चुनाव में गांव का यह मुख्य मुद्दा रहेगा। जन प्रतिनिधियों से जवाब मांगा जाएगा।
यह सड़क पीडब्ल्यूडी के अधीन नहीं आती। यह सड़क मेले फंड से बनती आ रही है। -गुरप्रीत सिंह, एसडीओ पीडब्ल्यूडी विभाग।