कैथल। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से मानवता को मर्यादा, कर्तव्य, आदर्श जीवन और लोककल्याण का मार्ग दिखाया। उनके विचार सत्य, त्याग और सेवा की प्रेरणा देते हैं। भगवान वाल्मीकि ने प्रभु श्रीराम तक पहुंचने की सीढ़ी दिखाई। उनके संदेशों को आत्मसात कर समाज में समरसता और भाईचारे को मजबूत करना चाहिए। शिक्षा मंत्री रविवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती और शरद पूर्णिमा के अवसर पर महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में रामायण पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की घोषणा की।
महिपाल ढांडा ने कहा कि संस्कृत भारतीय सभ्यता की महत्वपूर्ण धरोहर है। इसे केवल अतीत की भाषा मानने के बजाय आधुनिक शिक्षा, अनुसंधान और तकनीक से जोड़ना जरूरी है। इससे विद्यार्थियों के लिए अध्यापन, अनुवाद और डिजिटल ज्ञान संसाधनों के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भी व्यक्तित्व निर्माण, नवाचार और राष्ट्र निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के ज्ञान के साथ अपनी भाषा, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से भी जुड़े रहना चाहिए।
युवाओं से देश के विकास में योगदान देने का आह्वान
शिक्षा मंत्री ने युवाओं से देशविरोधी षड्यंत्रों के प्रति सतर्क रहने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार पाना नहीं बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने वाले व्यक्तित्व तैयार करना भी है। शोधार्थियों को शिक्षित, समरस और विकसित भारत के निर्माण में भूमिका निभानी चाहिए।
विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि संस्कृत हमारी सभ्यता की आत्मा है। उन्होंने गांव डीग के 600 युवाओं को बिना पर्ची-बिना खर्ची नौकरी मिलने का उल्लेख करते हुए युवाओं से किसी के बहकावे में नहीं आने की अपील की। भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी और पूर्व विधायक लीला राम ने भी महर्षि वाल्मीकि के विचारों को जीवन में अपनाने पर जोर दिया। मुख्य वक्ता प्रो. ऋषिपाल बेदी ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से सामाजिक समानता और मानवता का संदेश समझाया।
18 संस्कृत विश्वविद्यालयों में सबसे अधिक दाखिले
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत ने बताया कि इस वर्ष यहां संस्कृत के विभिन्न पाठ्यक्रमों में 561 नए दाखिले हुए हैं, जो देश के 18 संस्कृत विश्वविद्यालयों में सर्वाधिक हैं। वर्तमान में लगभग 800 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। गांव मूंदड़ी में विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर लगभग तैयार हो चुका है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक लीला राम, भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी व एडीसी डॉ. सुशील कुमार सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।