किसान आंदोलन का असर रोडवेज विभाग पर भी पड़ा है। डिपो से जहां रोजाना कुल लगभग 8-10 लाख रुपये आमदन दर्ज होती थी। वहीं आंदोलन के दौरान दिल्ली व पटियाला के लिए बंद हुई बसों के कारण आमदन भी घटी है। विभाग के रिकॉर्ड अनुसार डिपो में तीन दिनों से आमदन लगभग छह लाख रुपये रोजाना दर्ज हो रही है।
बता दें किसान आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। जिसकी वजह से कैथल दिल्ली की ओर बसें नहीं जा रही। हालांकि विभाग से पंजाब की ओर से बस सेवा बहाल की है। लेकिन दिल्ली के लिए अभी भी बंद है। केवल पानीपत या फिर आगे रास्ता मिलने के बाद बार्डर तक गाड़ियां जा रही है। ऐसे में यात्रियों को भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ व्यापारियों को भी सामान के आदान प्रदान में परेशानी हो रही है। यहां तक यात्रियों को प्राइवेट वाहनों की शरण लेनी पड़ रही है। पंजाब की ओर गाड़ियां चलने से यात्रियों ने राहत की सांस जरूर ली है। लेकिन दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए अभी समस्या ज्यों कि त्यों बनी हुई। उन्हें जाम खुलने तक इंतजार करना पड़ेगा। किसान आंदोलन के कारण रोडवेज महकमे को तीन दिनों मेें लगभग सात लाख रुपये आमदन कम हुई है। इससे पहले रोजाना लगभग आठ लाख रुपये आमदन होती थी। अब साढे़ छह लाख रुपये आमदन बताई जा रही है।
सामान लाने में हो रही परेशानी- दुकानदार रवि शर्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स शॉप संचालक मुकेश, ऑटो मोबाइल संचालक रामभज ने कहा कि पहले तो लॉकडाउन की वजह से सामान लेकर आने-जाने में समस्या आ रही थी। इसके बाद जैसे स्थिति सामान्य हुई तो अब किसान आंदोलन की वजह से दुकानदारों को काफी समस्याएं हो रही है। काफी काम प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा ज्यादा समस्या स्पेयर पार्ट लाने में दिक्कत आ रही। ये आस-पास के शहरों में नहीं मिलते जिसके लिए दिल्ली जैसे बड़े शहरों में जाना पड़ता है।
स्थिति सामान्य होने के बाद बसों का किया जाएगा संचालन- ट्रैफिक मैनेजर कमलजीत ने बताया कि किसान आंदोलन का असर रोडवेज पर भी पड़ा है। जिसके कारण दिल्ली व पंजाब की ओर जाने वाली गाड़िया बंद करनी पड़ी। इससे विभाग की आमदन भी प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि जैसे ही स्थिति सामान्य होगी बसों का संचालन किया जाएगा।