सुख-शांति भवन में जन्माष्टमी कार्यक्रम के दौरान नन्हे कन्हैया को झूला झुलाते श्रद्धालु एवं ब्रह
राजौंद। सुख-शांति भवन, राजौंद में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भव्य और आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में असंध से पधारीं राजयोगिनी ऊषा दीदी ने उपस्थित जनसमूह को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। राजयोगिनी ऊषा दीदी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन मानव समाज को सत्य, प्रेम, शांति, कर्म और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। श्रीकृष्ण का संदेश केवल एक धार्मिक पर्व तक सीमित नहीं है बल्कि यह मनुष्य को सकारात्मक सोच रखने, आत्मबल बढ़ाने और श्रेष्ठ कर्म करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी श्रीकृष्ण के आदर्श और शिक्षाएं समाज के लिए उतनी ही प्रासंगिक हैं। कार्यक्रम के दौरान नन्हे कन्हैया को सुंदर और आकर्षक झूले में झुलाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके साथ ही मटकी फोड़ कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया जिसमें उपस्थित भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों और शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
सुख-शांति भवन में जन्माष्टमी कार्यक्रम के दौरान नन्हे कन्हैया को झूला झुलाते श्रद्धालु एवं ब्रह