पूंडरी क्षेत्र में फर्जी कागजात तैयार करके सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक से लाखों रुपये का लोन लेने का मामला सामने आया है। बैंक मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पहले मामले में सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक पूंडरी शाखा के मैनेजर कुमार मुकेश ने पुलिस को शिकायत दी कि 27 जनवरी 2016 को हाबड़ी निवासी महेंद्र सिंह व जोगिंद्र सिंह ने 17 लाख 90 हजार रुपये का लोन लेने के लिए बैंक में आवेदन किया था। इसके बाद 14 लाख छह हजार रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड व तीन लाख 84 हजार रुपये का टर्म लोन लेना था। महेंद्र व जोगिंद्र ने जमाबंदी दिखाई जिसके अनुसार वे गांव हाबड़ी में 77 कनाल जमीन के मालिक थे। जमाबंदी पटवारी द्वारा हस्ताक्षर थी और रिकॉर्ड के अनुसार जमीन पर पहले से किसी बैंक का लोन बकाया नहीं था। दोनों आरोपियों ने बैंक की सभी कागजी कार्रवाई पूरी की और सभी रिपोर्टों के आधार पर दावा किया कि उनकी जमीन पर कोई लोन नहीं है। इसके बाद उन्होंने बैंक से 17 लाख 90 हजार रुपये का लोन ले लिया। इसके बाद लंबे समय तक आरोपियों ने लोन नहीं लौटाया। कर्ज लौटाने में बैंक का सहयोग भी नहीं किया। बैंक ने जांच की तो पता चला कि आरोपियों ने एचडीएफसी बैंक से 6 लाख 10 हजार व विजया बैंक से 14 लाख रुपये का भी लोन लिया हुआ है। आरोपियों ने बैंक के साथ धोखाधड़ी की है।
इसी प्रकार दूसरे मामले में बैंक मैनेजर कुमार मुकेश ने बताया कि हाबड़ी निवासी राजिंद्रपाल ने एक मई 2017 को सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक में 9 लाख 40 हजार रुपये का लोन लेने के लिए आवेदन किया था। इसके बाद छह लाख रुपये का लोन किसान क्रेडिट कार्ड, दो लाख 40 हजार रुपये का टर्म लोन व एक लाख रुपये डेबिट स्वैप लोन लेना था। आरोपी ने खुद को पांच एकड़, छह कनाल व एक मरला जमीन का मालिक बताया था। आरोपी ने जमाबंदी भी पेश की। रिकॉर्ड के अनुसार जमीन पर कोई कर्ज नहीं था। राजेंद्र पाल ने सभी कागजात पूरे कर दिए तो बैंक ने उसे 9 लाख 40 हजार रुपये लोन की राशि जारी कर दी। गुरप्रीत सिंह नंबरदार व सतविंद्र सिंह उस समय गवाह बने थे। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बैंक ने 9 लाख 40 हजार रुपये का लोन जारी कर दिया। आरोपी ने समय पर लोन नहीं चुकाया। इसके बाद जांच में ये भी सामने आया कि उक्त जमीन पर पहले भी लोन चल रहा है। जांच अधिकारी पूंडरी थाना प्रभारी निर्मल सिंह ने बताया कि पुलिस ने बैंक मैनेजर की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।