संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लिया गया 88 हजार रुपये का कर्ज नहीं चुकाने पर अदालत ने महिला को तीन माह में राशि जमा कराने के आदेश दिए हैं। कैथल की सिविल जज (सीनियर डिवीजन) डॉ. अमन इंदर सिंह की अदालत ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने कर्ज की मूल राशि 88 हजार रुपये की डिक्री जारी की है। इसके साथ ही कर्ज मंजूर होने की तारीख से डिक्री की तारीख तक नौ प्रतिशत सालाना ब्याज और इसके बाद भुगतान होने तक छह प्रतिशत सालाना ब्याज देने के आदेश दिए हैं।
एसबीआई की पूंडरी शाखा के अनुसार गांव फतेहपुर निवासी आशा को 9 मार्च 2023 को पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 88 हजार रुपये का कर्ज दिया गया था। इसके लिए 18 अप्रैल 2023 को लोन अरेंजमेंट, हाइपोथिकेशन एग्रीमेंट और अंडरटेकिंग समेत अन्य दस्तावेज लिए गए थे। कर्ज से खरीदे गए पशुधन को बैंक के पास गिरवी रखा गया था।
बैंक के अनुसार महिला ने कर्ज की तय किस्तें समय पर नहीं भरीं। बैंक ने कई बार बकाया राशि जमा कराने के लिए कहा। इसके बाद कानूनी नोटिस भी भेजा गया, लेकिन राशि जमा नहीं कराई गई। इसके बाद बैंक ने कर्ज की वसूली के लिए अदालत में केस दायर किया। मामले में अदालत का नोटिस महिला को मिल चुका था, लेकिन वह सुनवाई के दौरान अदालत में पेश नहीं हुई। इसके चलते 7 मई 2026 को अदालत ने उसे एकतरफा कर दिया। बैंक की ओर से डिप्टी ब्रांच मैनेजर होशियार सिंह ने अदालत में गवाही दी। बैंक ने कर्ज से जुड़े आठ दस्तावेज भी पेश किए। इनमें कर्ज आवेदन, मंजूरी पत्र, हाइपोथिकेशन एग्रीमेंट, बैंक खाते का विवरण, कानूनी नोटिस और डाक रसीद शामिल थे।
बैंक ने मांगे थे 1.20 लाख, डिक्री 88 हजार की हुई
एसबीआई ने ब्याज समेत 1,20,622 रुपये की वसूली का दावा किया था। अदालत ने बैंक के दस्तावेजों और पेश किए गए साक्ष्य के आधार पर 88 हजार रुपये की मूल कर्ज राशि की डिक्री जारी की। अदालत ने बैंक की ओर से मांगी गई ब्याज दर को अधिक मानते हुए ब्याज की दर नौ प्रतिशत और इसके बाद छह प्रतिशत सालाना तय की।
गिरवी पशुधन से होगी कर्ज की वसूली
अदालत ने कहा कि कर्ज की राशि गिरवी रखे गए पशुधन की बिक्री से वसूल की जा सकती है। यदि इससे पूरी राशि नहीं मिलती है तो बैंक बची हुई रकम महिला की अन्य संपत्ति और उससे वसूल कर सकेगा। अदालत ने महिला को तीन माह के भीतर राशि चुकाने के आदेश दिए हैं।