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लाइव : नागरिक अस्पताल में पांच घंटे बिजली गुल, एक्सरे-सीटी स्कैन और लैब सेवाएं रहीं ठप

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लाइट न आने से बंद पड़ी लैब में मशीन। संवाद - फोटो : shiv tripathi
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कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में बुधवार को करीब पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। अचानक हुई इस तकनीकी खराबी के कारण अस्पताल की एक्सरे, सीटी स्कैन और लैब सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं। ओपीडी में भी बार-बार बिजली आती जाती रही। इस कारण डॉक्टरों को मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में मरीजों का प्राथमिक उपचार करना पड़ा।
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सुबह के समय ही अस्पताल में बिजली न होने के कारण पूरा परिसर गर्मी और उमस से भर गया। पंखे और कूलर बंद होने से मरीज पसीने से परेशान रहे। कई मरीज और उनके परिजन छांव और हवा की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे। कुछ मरीजों की हालत खराब होने पर उन्हें बाहर बैठाना पड़ा।
हालांकि बिजली कर्मचारी बिजली ठीक करते हुए भी दिखे। जानकारी के अनुसार सुबह करीब आठ बजे अस्पताल की मुख्य बिजली केबल में अचानक फॉल्ट आ गया। केबल में खराबी आने के कारण अस्पताल परिसर में बिजली व जनरेटर की सप्लाई ठप हो गई। ओपीडी, पर्ची कक्ष, जांच कक्ष और अन्य विभागों में अंधेरा छा गया। अंधेरे में कर्मचारियों ने मोबाइल फोन की लाइट जलाकर फाइलें देखीं।
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ठप रहीं जांच सेवाएं
बिजली बाधित होने के कारण अस्पताल की लैब सेवा ठप रही। लैब में चलने वाली मशीनें बिना बिजली के नहीं चलीं। इसके कारण ब्लड शुगर, थायराइड, विटामिन डी और हीमोग्लोबिन सहित सभी टेस्ट रुक गए। करीब 1400 मरीजों की जांच प्रभावित हुई। हालांकि एक बजे के बाद कुछ टेस्ट हुए हैं जबकि अस्पताल में प्रतिदिन 2000 से अधिक टेस्ट किए जाते हैं।
एक्सरे और सीटी स्कैन कक्ष में लगीं लंबी कतारें
सुबह ही रेडियोलॉजी विभाग में भी हालात बिगड़ गए। मरीजों की लंबी लाइन लग गई। कुछ दूर-दराज से आए मरीज कुर्सियों पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे लेकिन जांच न होने पर अधिकतर मरीजों को बिना इलाज मायूस होकर लौटना पड़ा। कई मरीजों के चेहरों पर निराशा दिखाई दी। सामान्य दिनों में जहां 115 से अधिक एक्सरे और लगभग 10 सीटी स्कैन किए जाते हैं। वहीं बुधवार को सभी मशीनें बंद रहीं। सीटी स्कैन के बाहर पर्ची काउंटर पर अंधेरा छाया रहा। काफी कंप्यूटर भी बंद रहे।
चार घंटे से बैठा एक्सरे कक्ष के बाहर :
रघुबीर

अस्पताल में एक्सरे करवाने पहुंचे रघुबीर ने बताया कि उसकी बाजू पर चोट लगी हुई है। सड़क दुर्घटना में चोट लग गई थी। सुबह नौ बजे डॉक्टर ने एक्सरे के लिए बोल दिया था। उसके बाद पर्ची काउंटर पर करीब आधा घंटा खड़ा रहा। पर्ची बनने के बाद भी बिजली न होने के कारण चार घंटे से एक्सरे कमरे के बाहर बैठा हुआ हूं। अभी तक बिजली नहीं आई है। बाजू में काफी दर्द हो चुका है।
महिला लिछमी ने कहा कि उसने एक्सरे करवाना था। सुबह से इंतजार कर रही हैं लेकिन कोई जांच नहीं हो पाई। इतनी गर्मी में बैठना मुश्किल हो गया है। जल्द से जल्द बिजली चालू करवाई जाए।
पीएमओ दिनेश कंसल ने बताया कि सूचना मिलते ही तकनीकी टीम को बुलाकर मरम्मत कार्य शुरू किया गया। बिजली आपूर्ति को बहाल कर दिया गया। जांच कार्य शुरू कर दिया गया है।

लाइट न आने से बंद पड़ी लैब में मशीन। संवाद- फोटो : shiv tripathi

लाइट न आने से बंद पड़ी लैब में मशीन। संवाद- फोटो : shiv tripathi

लाइट न आने से बंद पड़ी लैब में मशीन। संवाद- फोटो : shiv tripathi

लाइट न आने से बंद पड़ी लैब में मशीन। संवाद- फोटो : shiv tripathi

लाइट न आने से बंद पड़ी लैब में मशीन। संवाद- फोटो : shiv tripathi

लाइट न आने से बंद पड़ी लैब में मशीन। संवाद- फोटो : shiv tripathi

लाइट न आने से बंद पड़ी लैब में मशीन। संवाद- फोटो : shiv tripathi

लाइट न आने से बंद पड़ी लैब में मशीन। संवाद- फोटो : shiv tripathi

लाइट न आने से बंद पड़ी लैब में मशीन। संवाद- फोटो : shiv tripathi

लाइट न आने से बंद पड़ी लैब में मशीन। संवाद- फोटो : shiv tripathi

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