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Kaithal News: चार साल से खराब पड़ी है लिथोट्रिप्सी मशीन

Fri, 21 Mar 2025 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिले के सामान्य अस्पताल में पिछले चार साल से पथरी के ऑपरेशन करने वाली फ्रांस से मंगवाई गई करोड़ों रुपये की लिथोट्रिप्सी मशीन खराब पड़ी है। इस कारण यहां आने वाले मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जिला नागरिक अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम होने से यहां पहुंचने वाले मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। इस मशीन के खराब होने के कारण मरीजों को अधिक रुपये खर्च कर निजी अस्पतालों में इलाज करवाना पड़ रहा है। लंबे समय से इस मशीन की मरम्मत नहीं हो पा रही है।
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वर्ष 2020 में चूहों ने कुतर दिए थे मशीन के तार ः वर्ष 2020 में चूहों ने मशीन के तार कुतर दिए थे। इसके बाद यह खराब हो गई थी, लेकिन तब से लेकर अब तक इसकी मरम्मत नहीं हो सकी है।

कुछ समय पहले एक डॉक्टर ने इस प्रशिक्षण भी लिया था, लेकिन मशीन खराब होने की वजह से यहां आने वाले मरीजों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पाया है।

बिना ऑपरेशन के हो सकेगा इलाज ः यदि इस मशीन की मरम्मत होती है तो इस मशीन से बिना ऑपरेशन के लेजर तकनीक से पथरी का मुफ्त इलाज हो सकेगा। इससे मरीज को लंबे समय तक आराम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और इलाज पर भी कोई खर्च नहीं आएगा।

निजी अस्पताल में एक मरीज को इलाज के लिए 20 से 25 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इस मशीन की मरम्मत करने के लिए एक कंपनी से भी बात की, लेकिन उस कंपनी ने जवाब दिया है कि इसे रिपेयर करना बहुत मुश्किल है। मरीजों का कहना है कि देखते हैं कब इंतजार खत्म होता है।


पथरी की बीमारी है। करीब छह महीने पहले ही इलाज शुरू किया था तब चिकित्सकों ने आश्वासन दिया कि मशीन ठीक होने के बाद पथरी निकाल दी जाएगी, लेकिन वह ठीक नहीं हो सकी है। एक निजी अस्पताल में पथरी निकलवाई। उस दौरान अस्पताल से केवल दवा ही ली। - एक मरीज
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लेजर तकनीक का प्रयोग

लिथोट्रिप्सी में किडनी की पथरी को तोड़ने के लिए लेजर तकनीक का उपयोग किया जाता है। इस मशीन से 30 एमएम तक की पथरी को निकाला जा सकता है।

मशीन की मरम्मत करवाने व इसे संचालित करने वाले विशेषज्ञ की व्यवस्था करवाने के लिए मुख्यालय को अवगत करा दिया गया है। मशीन का क्षतिग्रस्त हिस्सा उपलब्ध न होने के कारण अभी तक इसकी मरम्मत नहीं हो पाई है। इसके लिए उच्च अधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही मशीन की मरम्मत हो जाएगी व मरीजों को इसकी सुविधा मिल सकेगी। - डॉ. सचिन मांडले, जिला प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, कैथल।
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