सुप्रीम कोर्ट द्वारा शराब के ठेकों को लेकर दिए गए फैसले का जिले में व्यापक असर पड़ा है। विभाग ने 6 टीमें बनाकर जिले में चल रहे लगभग सभी शराब के ठेकों को बंद करवा दिया है। पूरा जिला इस समय लगभग ड्राई स्थिति में हैं। जिले के 90 में से 42 शराब के ठेके अभी तक बोली पर छोड़े जा सके हैं। इनमें भी अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कारण काफी खामियां आ गई हैं। जिससे ठेकेदारों का मानना है कि उनका भारी नुकसान होने जा रहा है।
प्रमुख शराब ठेकेदार धर्मप्रकाश मित्तल का कहना है कि इस फैसले से शहर में सीवर गेट, खुराना रोड, पिहोवा चौक, फ्रेंडस कालोनी करनाल रोड, प्यौदा रोड व पट्टी अफगान सहित सीवन, गुहला-चीका में कैथल, पटियाला व पिहोवा रोड के ठेके बंद हो जाएंगे। इनके लिए 500 मीटर पीछे जगह देखनी होगी। शहर में महज भगत सिंह चौक, प्रताप गेट व रामनगर तथा देवीगढ़ रोड पर स्थित ठेके अभी तक चलने की स्थिति में हैं। लेकिन इनके लिए भी विभाग से मंजूरी लेनी होगी।
वहीं डीईटीसी एक्साईज नरेंद्र कौशिक ने बताया कि जिले को इस बार 15 जोन में बांट कर 90 शराब के ठेके बोली पर छोड़े जाने हैं। पिछले साल ये 81 करोड़ रुपये में बोली पर छूटे थे। इस बार एक जोन में 6 शराब के ठेके दिए जाने हैं। जिसमें से 7 जोन बोली पर छोड़े जा चुके हैं। 8 जोन अभी बाकी हैं। 7 जोन के जो 42 ठेके छोड़ दिए गए हैं, उनमें भी अब 500 मीटर संबंधी फैसला आने के कारण बंद कर दिए गए हैं। उन्हें भी 500 मीटर की दूरी पर चालू किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले व वित्त वर्ष का अंतिम दिन होने के कारण शुक्रवार रात्रि 6 टीमें बनाकर सभी ठेके बंद कर दिए गए हैं। उनके स्टॉक का रिकॉर्ड दर्ज कर लिया गया है। विभाग ने भी राज्य व राष्ट्रीय राजमार्गों से 500 मीटर की दूरी पर शराब के ठेके खोलने पर पूर्ण प्रतिबंध के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। उन आदेशों की पालना में सभी ठेकेदारों को सख्ती से आदेश का पालन करने के लिए कहा गया है।
इस बार अंग्रेजी व देशी शराब एक ही ठेके में मिलेगी। वहीं जिन गांवों में खुर्दें हैं, वहां, सरकार को 2 हजार की आबादी से कम वाले गांव में 50 हजार व इससे ऊपर की आबादी वाले गांव में 1 लाख रुपये की फीस जमा करवानी होगी। पिछले साल जिले में 49 लाख प्रूफ लीटर देशी व 9 लाख प्रूफ लीटर अंग्रेजी शराब की बिक्री के लिए विभाग को 81 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।