संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. नंदिता कौशिक की अदालत ने हत्या के एक मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास और 70-70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम न देने पर दोषियों को छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
इस बारे में भीमा राम निवासी गांव हाबड़ी ने थाना पूंडरी में पांच अगस्त 2021 को आईपीसी की धारा 302, 201 और 120-बी के तहत सोनू निवासी हाबड़ी और संजू निवासी गांव खेड़ी मटरवा के खिलाफ अभियोग नंबर 441 दर्ज करवाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी उप जिला न्यायवादी सुखदीप सिंह ने की। पुलिस रिपोर्ट के हवाले से सुखदीप सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता भीमा राम का छोटा बेटा रवि कैथल में आटो चलाता है। भीमा के बड़े भाई पाला राम के बेटे सोनू की पत्नी पूजा की उसके पति सोनू के साथ अनबन रहती थी।
करीब एक साल पहले पूजा ने अपने पति सोनू व परिवार वालों को बताया कि वह पति (सोनू) के साथ नहीं रहना चाहती, बल्कि रवि के साथ रहना चाहती हूं। इसके बाद वह झगड़ा करके अपने मायके गांव बालू चली गई। रवि से पूजा कैथल जाकर मिलती रहती थी। इस बारे भीमा की सोनू से रंजिश चल रही थी।
इस बात को लेकर कई बार कहा सुनी भी हुई थी और सोनू ने रवि को जान से मारने की धमकी भी दे रखी थी। 3 अगस्त 2021 की रात को रवि अपनी ऑटो लेकर गांव हाबड़ी आया था और अगली सुबह करीब आठ बजे कैथल के लिए चला गया था।
उसी रात को मालूम हुआ कि रवि सिरसल रोड पर ऑटो के पास सडक़ पर मृत पड़ा है। भीमा अपने परिवार के साथ मौके पर गया और देखा कि रवि सड़क पर खून से लथपथ पड़ा है। उसके गर्दन, छाती, पेट, पीठ, सिर, टांग पर तेज हथियार से घाव के निशान थे। भीमा ने शंका जाहिर की कि रवि की हत्या सोनू व उसके अन्य साथियों ने मिलकर की है। इस शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज करके सोनू और संजू को गिरफ्तार कर लिया और चालान अदालत मेंं पेश कर दिया। मामले में कुल 27 गवाह पेश किए गए।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपने 69 पेज के फैसले में सोनू और संजू को हत्या का दोषी पाया तथा गवाहों और सबूतों के आधार पर उन्हें उम्रकैद तथा 70- 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की रकम न देने पर दोषियों को छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।