संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग की अदालत ने हत्या के तीन दोषियों को उम्र कैद और एक को 21 हजार व दो दोषियों को 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
इस बारे में मृतक जयपाल की पत्नी ऊषा ने 26 जनवरी 2021 को थाना ढांड में केस दर्ज करवाया था। हालांकि ऊषा की शिकायत से पहले उसके जेठ दोषी शीशपाल ने स्वयं को बचाने के लिए भी बलबीर, कुलवंत निवासी ब्रास और सुखबीर निवासी सिरसी के खिलाफ झूठा केस दर्ज करवा दिया था, जो जांच में झूठा निकला।
शिकायत पक्ष की ओर से केस की पैरवी कर रहे डीडीए सुखदीप सिंह ने दायर किए गए केस के हवाले से बताया कि शिकायतकर्ता ऊषा के पति जयपाल का उसके जेठ शीशपाल के साथ जमीन और मकान को लेकर झगड़ा चल रहा था। 20 जनवरी 2021 को सुबह 9 बजे जयपाल अपनी मोटर साइकिल पर घर से दुकान पर निगदू गया था, लेकिन शाम को वापस नहीं आया। उन्होंने जयपाल की काफी तलाश की लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। दोषी शीशपाल ने स्वयं को बचाने के लिए भी जयपाल की तलाश शुरू कर दी।
शीशपाल के अनुसार वह व उसका चचेरा भाई संजय मोटर साइकिल पर जयपाल की तलाश करते हुए गांव साकरा से कौल की तरफ जा रहे थे और करीब 8.30 बजे जब वे बिजली पावर हाऊस करनाल रोड साकरा के पास पहुंचे तो उन्होंने एक कच्चे रास्ते में देखा कि जयपाल की मोटर साइकिल खड़ी थी। जब उन्होंने मोटर साइकिल के पास जाकर देखा तो पास ही जयपाल मृत अवस्था में पड़ा था। जयपाल के सिर में पिछली तरफ काफी चोटें लगी हुई थी।
शीशपाल ने शक जताया कि बलबीर, कुलवंत, वासी डेरा धोला कुंआ ब्रास, सुखबीर निवासी सिरसी ने मिलकर जयपाल की हत्या की है। शीशपाल द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार 20 दिन पहले भी जयपाल का झगड़ा गौरव, राजू वासी निगदु के साथ हुआ था। जयपाल की हत्या बारे उसे गौरव, राजू पर भी शक है। पुलिस ने केस दर्ज करके शव का पोस्टमार्टम करवाया व आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में खुलासा हुआ कि शीशपाल ही हत्या का साजिशकर्ता है।
पुलिस ने चालान तैयार करके अदालत के सुपुर्द किया। एडीजे अमित गर्ग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद शीशपाल, अक्षय निवासी ब्रास और रविंद्र निवासी गोंदर को दोषी पाया व उम्र कैद की सजा सुनाई।