कैथल। शहर की विवेकानंद पुस्तकालय इन दिनों बदहाल स्थिति का शिकार है। प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी करने वाले सैकड़ों विद्यार्थी प्रतिदिन यहां अध्ययन के लिए पहुंचते हैं लेकिन लाइब्रेरी भवन की जर्जर हालत उनके लिए चिंता का विषय बनी हुई है। टूटे हुए शीशे, जगह-जगह से उखड़ता प्लास्टर और कमजोर होती दीवारों के बीच विद्यार्थी डर के साए में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
विद्यार्थियों का कहना है कि पुस्तकालय में अध्ययन का माहौल तो अच्छा है लेकिन भवन की हालत लगातार खराब होती जा रही है। कई खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं, जिससे धूल और गर्म हवा अंदर आती है। वहीं कुछ स्थानों पर दीवारों का प्लास्टर उखड़ चुका है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे छात्र रोहित ने बताया कि यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी आते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया है लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
छात्र दीपक ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लाइब्रेरी सबसे उपयुक्त स्थान है, लेकिन जर्जर दीवारों को देखकर हमेशा डर बना रहता है। बरसात के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है। यदि समय रहते भवन की मरम्मत नहीं करवाई गई तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। विद्यार्थी प्रवीण ने बताया कि लाइब्रेरी में बैठने की व्यवस्था और अध्ययन सामग्री तो उपलब्ध है, लेकिन भवन की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। उनका कहना है कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई इस लाइब्रेरी की ओर प्रशासन को विशेष ध्यान देना चाहिए।
विद्यार्थियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि विवेकानंद लाइब्रेरी की जल्द मरम्मत करवाई जाए। टूटे हुए शीशों को बदला जाए, जर्जर दीवारों की मरम्मत की जाए और भवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। संवाद