संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंगलवार को कोयल कॉम्प्लेक्स में पीसी-पीएनडीटी एक्ट और एमटीपी एक्ट की कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें निजी व सरकारी गायनोकोलोजिस्ट, रेडियोलोजिस्ट, सोनोलॉजिस्ट आदि शामिल हुए। कार्यशाला में बतौर मुख्यातिथि डीसी प्रीति ने कहा कि जिले के लिंगानुपात में सुधार करने के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।
उन्होंने कहा कि अवैध लिंग जांच में संलिप्त व्यक्तियों की जानकारी किसी को भी हो तो वे जिला प्रशासन के संज्ञान में जरूर लाएं। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा तथा उसे इनाम स्वरूप एक लाख रुपये की धनराशि भी दी जाएगी। इस कार्य में आईएमए का पूर्ण सहयोग चाहिए। इस संदर्भ में समय-समय पर बैठक करते रहें। काउंसलिंग पर ध्यान देने की आवश्यकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों को शामिल करें।
डीसी ने कहा कि गर्भपात से संबंधित रिकॉर्ड सही हो, ताकि आपको भी कोई परेशानी न आए। इसके साथ ही जिला के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के साथ पूरा समन्वय हो। अनधिकृत केंद्रों पर कार्रवाई होनी आवश्यक है। मातृ मृत्यु दर में सुधार लाने के लिए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। डीसी ने कहा कि परिवार नियोजन का विषय भी बहुत महत्वपूर्ण है।
कार्यशाला को सिविल सर्जन डॉ. रेणू चावला ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एमटीपी एक्ट का रिकॉर्ड नियमानुसार पूरा और दुरूस्त रखें। नए एमटीपी सेंटर पंजीकरण करवाने के लिए सरकार ने फीस निर्धारित कर दी है।
कार्यशाला के दौरान डॉ. संदीप जैन ने पीपीटी के माध्यम से एमटीपी एक्ट और पीसी-पीएनडीटी एक्ट की जानकारी डिप्टी डीए जय भगवान गोयल ने दी। इस मौके पर आईएमए प्रधान डॉ. ललित जांगड़ा, डॉ. बलविंद्र गर्ग, डॉ. संदीप बातिश, डॉ. विकास धवन, शिव शंकर पाहवा, आरपी बंसल, सीमा सिंगला, पीपी कौशिक, राजेश कुमार, अमनदीप आदि मौजूद रहे।