संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन स्थायी परिसर के मुख्य द्वार का शिलान्यास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमेश चंद्र भारद्वाज एवं कुलसचिव प्रो. संजय गोयल ने किया गया।
इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय के स्थाई परिसर का कार्य तीव्र गति से हो रहा है। इसी वर्ष दिसंबर तक इसका शैक्षणिक भवन बनकर तैयार हो जाएगा और हम अपने स्थायी परिसर में प्रवेश कर लेंगे।
गौरतलब है कि वर्ष 2018 में हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के मार्गदर्शन में इस विश्वविद्यालय की संकल्पना एवं स्थापना की गई थी। वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी इस विश्वविद्यालय के विकास को लेकर विशेष रूप से उत्साहित हैं। विश्वविद्यालय के विस्तार के लिए गांव के सहयोग से हमें चार एकड़ की भूमि और मिल चुकी है, इसके लिए हम मूंदड़ी गांव के लोगों का भी धन्यवाद करते हैं।
पिछले एक वर्ष से विश्वविद्यालय के शैक्षणिक भवन का निर्माणकार्य चल रहा है, शीघ्र ही पुरुष एवं महिला छात्रावास का भी निर्माण कार्य यहां प्रारंभ हो जाएगा। मुख्य द्वार के निर्माण के साथ ही अब संस्कृत विश्वविद्यालय के परिसर में आने-जाने के लिए मार्ग व्यवस्था आदि का भी निर्माण हो सकेगा।
इस अवसर पर निर्माण एजेंसी पुलिस हाइसिंग काॅरपोरेशन से चीफ इंजीनियर सतीश शर्मा एवं कार्यकारी अभियंता नरेश गोस्वामी सहित विश्वविद्यालय के शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. सत्य प्रकाश दुबे, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. भाग सिंह बोदला, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. जगत नारायण, आनंद वर्मा, वित्ताधिकारी कृष्ण कुमार आदि मौजूद रहे।